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ऑनलाइन आवेदन बेअसर! सकोला तहसील में आवेदकों को फिर बुलाया जा रहा कार्यालय

तहसील बना चक्करघिन्नी? सकोला तहसीलदार के नए नियमों से ग्रामीण परेशान, ऑनलाइन आवेदन के बाद भी बुलाया जा रहा कार्यालय

सकोला। तहसील सकोला , अनुविभागीय अधिकारी पेंड्रारोड कार्यालय में जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को लेकर आवेदकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। आवेदकों का आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद उनके आवेदन यह टिप्पणी लिखकर वापस किए जा रहे हैं कि “मूल अभिलेख के साथ कार्यालय में उपस्थित हों।”

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आवेदकों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान जिन दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड किया गया है, वही मूल दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए कहा जा रहा है। उनका सवाल है कि यदि किसी दस्तावेज में कमी या त्रुटि है तो आदेश में स्पष्ट रूप से उसका उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि आवेदक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा सके। केवल “मूल अभिलेख के साथ उपस्थित हों” लिखकर आवेदन लौटाने से लोगों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि इससे समय और आर्थिक संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी हो रही है। दूर-दराज़ के गांवों से आने वाले लोगों को कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन कार्यालय पहुंचने के बाद भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती।

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इधर, हाल ही में तहसील कार्यालय के बाहर लगाए गए “बिना अनुमति कार्यालय के अंदर प्रवेश वर्जित है” संबंधी बोर्ड को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का केंद्र है, जहां किसान, ग्रामीण, बुजुर्ग एवं अन्य नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि प्रवेश के लिए पहले अनुमति लेने की व्यवस्था है, तो आमजन के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अनुमति किससे और किस प्रक्रिया के तहत प्राप्त की जाए।

आवेदकों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यदि किसी आवेदन में कोई दस्तावेज अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए तथा ऑनलाइन सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

इसमें मामले में तहसीलदार का कहना है की, क्या कमी है दस्तावेज में तहसील लेकर आइए गा तब बता पाएंगे

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