LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

बुड़बुड़ में भ्रष्ट्राचार का डबल धमाका : 30.85 लाख के घटिया स्कूल निर्माण के बाद अब 11.69 लाख के आंगनबाड़ी भवन में भी भर्राशाही

बुड़बुड़ में भ्रष्ट्राचार का डबल धमाका : 30.85 लाख के घटिया स्कूल निर्माण के बाद अब 11.69 लाख के आंगनबाड़ी भवन में भी भर्राशाही

 स्टीमेट को ताक पर रखकर जिम्मेदारों की मनमानी जारी.

ये खबर भी पढ़ें…
तस्वीरों ने ताजा कीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेवसाय की पुरानी यादें : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में हुए शामिल*
तस्वीरों ने ताजा कीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेवसाय की पुरानी यादें : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में हुए शामिल*
August 23, 2026
*तस्वीरों ने ताजा कीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेवसाय की पुरानी यादें : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरपंच व सचिव पति कहते फिर रहे- एसडीएम से स्कूल की गुणवत्ता को हरी झंडी दिलवा दी, कलेक्टर को भी मना लेंगे.

कोरबा/पाली:- ग्राम पंचायत बुड़बुड़ में भ्रष्ट्राचार की कहानी खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है। पहले डीएमएफ के 30.85 लाख से बना प्राथमिक- माध्यमिक शाला भवन घटिया निकला, जिसे शिक्षा विभाग ने हैंडओवर लेने से इंकार कर दिया। अब उसी पंचायत में 11.69 लाख की लागत से बन रहे नवीन आंगनबाड़ी भवन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला देखने को मिला है।

ये खबर भी पढ़ें…
‘कोहरा’ जैसी रचनाएं समाज को सजग करने और सच सामने लाने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
‘कोहरा’ जैसी रचनाएं समाज को सजग करने और सच सामने लाने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
August 23, 2026
*‘कोहरा’ जैसी रचनाएं समाज को सजग करने और सच सामने लाने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकार सूत्रों और मौके पर मिली जानकारी के अनुसार लाखों के आंगनबाड़ी निर्माण में शासन- प्रशासन से निर्धारित स्टीमेट को सरपंच- सचिव ने पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। नियमानुसार चारों ओर लेंटर 1 फीट बाहर निकालना था, लेकिन सिर्फ सामने का हिस्सा 1 फीट निकाला गया है, बांकी तीन हिस्सों में लेंटर महज 3 से 4 इंच ही निकला है। इससे बारिश में दीवारों पर सीपेज होना तय है। वहीं स्टीमेट में मुख्य दरवाजे के ऊपर छज्जा बनाना था, ताकि बारिश में बच्चें भीगे नहीं। यहां छज्जा ही नही बनाया गया है। भवन में हवा- रोशनी के लिए नियमतः रोशनदान लगाना अनिवार्य है। लेकिन भवन में एक भी रोशनदान नही लगाया गया है। गर्मी में बच्चें घुटन महसूस करेंगे। डीएमएफ से बनने वाले आंगनबाड़ी को लेकर जिला प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि भवन स्टीमेट के अनुसार बने और ऐसा हो कि नौनिहाल बच्चें खेल- खेल में अक्षरज्ञान सीख सकें। लेकिन भ्रष्ट्राचार के आकंठ में डूबे सरपंच- सचिव ने जेबें भरने के लालच में स्टीमेट से खिलवाड़ कर दिया। पंचायत जिम्मेदारों के इस अघोषित कमाऊं कुकृत्य को लेकर बुड़बुड़ पंचायत अब घटिया निर्माण का मॉडल बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच- सचिव अपनी जेबें भरने के लिए हर काम मे कटौती कर रहे हैं। पहले स्कूल के गुणवत्ताहीन निर्माण से बच्चों की जान जोखिम में डाली, अब आंगनबाड़ी के नौनिहालों के साथ भी वही खिलवाड़ करने की मंशा को लेकर निर्माण को अंजाम दे रहे हैं। घटिया निर्माण को लेकर महिलाओं में भी आक्रोश है और उनका भी कहना है कि आंगनबाड़ी में 2 से 6 साल के बच्चें जाते है, मगर पंचायत मुखियाओं को बच्चों की चिंता नही, सिर्फ अपनी जेबें की चिंता है। अब जब स्कूल भवन के बाद आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसे संवेदनशील काम में भी भ्रष्ट्राचार हो तो सरपंच- सचिव की मानसिकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सरपंच- सचिव पति रसूख की बात कर रहें

ये खबर भी पढ़ें…
रायपुर – छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का बड़ा बयान – TET के मुद्दे पर शासन से होगी दो-दो हाथ
रायपुर – छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का बड़ा बयान – TET के मुद्दे पर शासन से होगी दो-दो हाथ
August 24, 2026
रायपुर - छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का बड़ा बयान - TET के मुद्दे पर शासन से होगी दो-दो हाथ *गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।*...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्रामीणों के कथनानुसार प्राथमिक- माध्यमिक शाला भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठे तो सरपंच व सचिव पति यह कहते फिर रहे कि हम एसडीएम साहब को निरीक्षण के लिए लेकर गए थे और उन्हें मना लिया है, उन्होंने शाला भवन की गुणवत्ता को हरी झंडी दे दी है। अब आंगनबाड़ी और अन्य निर्माण में कलेक्टर साहब को भी मना लेंगे। यह हमारे लिए कोई बड़ी बात नही है। सरपंच- सचिव पति के इस कथन से ग्रामीण भी अचंभित हैं और सोचने को मजबूर हैं कि क्या वाकई में सरपंच- सचिव रसूख रखते हैं, जो निर्माण में गड़बड़ी सामने आने के बाद भी जांच अथवा किसी प्रकार की कार्रवाई शून्य है? फिलहाल इस दावे पर कितनी सच्चाई है, यह तो प्रशासन ही बता सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!