
जीपीएम में डीजीपी अरुण देव गौतम की बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश
निर्माणाधीन एसपी कार्यालय और हाईटेक कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण, कोटमी लूटकांड सुलझाने वाली टीम की सराहना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 5 जुलाई। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रविवार को जीपीएम जिले के आकस्मिक प्रवास के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिले में आगमन पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों, महिला एवं बाल अपराध, मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग और डायल-112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
डीजीपी ने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन और अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि आधुनिक पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
डीजीपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और विवेचकों की बैठक लेकर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों के बेहतर उपयोग, लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण तथा न्यायालयीन मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। साथ ही साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने तथा महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान डीजीपी ने हाल ही में चर्चित कोटमी लूटकांड का कम समय में सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि समन्वित टीमवर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान और पेशेवर पुलिसिंग के कारण इस गंभीर मामले का सफल खुलासा संभव हो सका। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय व्यवहार के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।













