LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

रायपुर:- फर्जी बिल से 3.40 करोड़ का भुगतान,

रायपुर:- फर्जी बिल से 3.40 करोड़ का भुगतान,

रायपुर/ कोरबा:- चांपा व उरगा- पत्थलगांव फोरलेन सड़क निर्माण के लिए राख आपूर्ति किए जाने में 3.40 करोड़ का फर्जीवाड़ा सामने आया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का फर्जी एनओसी प्रस्तुत कर करीब 1.88 लाख क्यूबिक मीटर राख परिवहन का बिल तैयार कर भुगतान प्राप्त कर लिया गया। आरटीआई से निकाली गई जानकारी के बाद कूटरचना की इस घटना की शिकायत पुलिस में किए जाने की अनुशंसा एनएचएआई ने की है। 20 दिन बाद भी अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
April 22, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

राख खपत की चुनौती से जूझ रहे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (सीएसपीजीसीएल) भर चुके राखड़ डैमो को खाली कराने पिछले तीन साल से राख का परिवहन करा रहे। करोड़ों रुपये खर्च कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का पालन प्रबंधन करा रही। इसे अब भ्रष्टाचार का जरिया भी अधिकारियों ने बना लिया है। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएसपीएम) के तत्कालीन अधीक्षण यंत्री सुबोध शु्क्ला के कार्यकाल के दौरान बोगस बिल से 3.40 करोड़ का भुगतान किए जाने का पर्दाफाश हुआ है। डीएसपीएम के गोढ़ी राखड़ डैम से कोरबा में निर्माणाधीन कोरबा- चांपा व उरगा- पत्थलगांव फोरलेन सड़क के लिए राख की आपूर्ति की जा रही है। 24 अगस्त 2024 को हेमस कार्पोरेशन नामक एक कंपनी ने एनएचएआई का एक पत्र जमा किया, जिसमें 56,759 क्यूबिक मीटर राख उरगा- पत्थलगांव फोरलेन में आपूर्ति किए जाने की पुष्टि की गई थी। इसी तिथि में एक लाख 32 हजार 230 क्यूबिक मीटर राख कोरबा-चांपा मार्ग में आपूर्ति किए जाने का एक और पत्र जमा किया गया है। इस तरह कुल एक लाख 88 हजार 989 क्यूबिक मीटर राख आपूर्ति का फर्जी एनओसी प्रस्तुत कर 180 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से करीब 3.40 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डीडी परलावार ने डीएसपीएम के साथ एनटीपीसी सीपत, कोरबा, लारा, एचटीपीपी, बालको, मड़वा समेत अन्य राखड़ परिवहन संबंधित विद्युत संयंत्र प्रबंधन को पत्र लिख कर फर्जी एनओसी की जानकारी दी है, साथ ही ऐसे मामले में एफआईआर कराने कहा गया है।

इससे पहले मानिकपुर के बंद खदान में 2.71 लाख क्यूबिक मीटर राख डंप करने का फर्जी बिल प्रस्तुत कर करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त कर, सीएसपीजीसीएल को चूना लगाए जाने का मामला आ चुका है। इसे पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पी पांडेय ने गंभीरता से लेते हुए हसदेव थर्मल पावर प्रोजेक्ट (एचटीपीपी) व डीएसपीएम के मुख्य अभियंताओं को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया है। पांडेय ने कहा है कि राखड़ में फर्जीवाड़ा किए जाने की पुष्टि होने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यहां बताना होगा कि फोरलेन व मानिकपुर खदान दोनों में ही राख आपूर्ति का बोगस बिल भुगतान तत्कालीन अधीक्षण यंत्री के कार्यकाल में हुआ, अब वे सेवानिवृत हो गए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!”
स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!”
April 23, 2026
“स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!” गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शिक्षा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!