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भगवान बिरसा मुंडा की जयंती ‘राष्ट्रीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने एवं रेत खदान नीलामी में PESA कानून के पालन की मांग

मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 06 नवम्बर 2025। सर्व आदिवासी समाज जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छ.ग.) ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के बजाय ‘राष्ट्रीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की मांग की है। साथ ही, जिले में चल रही रेत खदान नीलामी प्रक्रिया में PESA कानून के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए तत्काल नीलामी प्रक्रिया रोकने और ग्राम सभाओं की सहमति प्राप्त किए बिना कोई कार्यवाही न करने की बात कही है।सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारत के स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास के प्रतीक हैं। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। इसलिए उनकी जयंती को केवल ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ‘राष्ट्रीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाना चाहिए ताकि उनके बलिदान की प्रेरणा पूरे समाज को मिल सके।ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में जिले में रेत खदानों की नीलामी की जा रही है, जबकि यह प्रक्रिया PESA अधिनियम 1996 की धारा 4(च) व 4(ड) के प्रावधानों के विपरीत है। कानून के अनुसार ग्राम सभा की सहमति के बिना प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी नहीं की जा सकती। इसके बावजूद जिले में ग्राम सभाओं की अनुमति के बिना खदानों की नीलामी की जा रही है, जो ग्राम स्वराज की भावना और PESA कानून का खुला उल्लंघन है।

सर्व आदिवासी समाज ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा है  :—

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1. भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘राष्ट्रीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाए जाने का शासन से आदेश जारी किया जाए।

2. जिले में चल रही रेत खदान नीलामी प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और संबंधित ग्राम सभाओं की सहमति प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए।

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3. PESA अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

4. जिले के सभी ग्राम सभा अध्यक्ष व सचिवों को PESA कानून से संबंधित प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए।

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यह ज्ञापन सर्व आदिवासी समाज – युवा प्रभाग, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के प्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन पर समाज के अनेक पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए और शासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस विषय पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो समाज जिला स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बिरसा मुंडा की जयंती पर आदिवासी समाज के इस संकल्प ने क्षेत्र में जनजागरण और स्वाभिमान की नई लहर पैदा कर दी है। दया वाकरे जिला अध्यक्ष मनीष सिंह धुर्वे जिला अध्यक्ष युवा प्रभाग जय सिंह धुर्वे तूफान धुर्वे राजकुमार धुर्वे गणपत भानू शामिल थे

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