
कोटमीकला हत्याकांड का खुलासा: ज्वेलरी कारोबारी की हत्या कर लूटने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, हथियार-आभूषण बरामद
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने महज 14 दिनों के भीतर अंतर्राज्यीय गिरोह के सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, लूटे गए सोना-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन और वाहन बरामद किए गए हैं।

26 मई 2026 को कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी कारोबारी प्रदीप सोनी से सोना-चांदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया गया था। विरोध करने पर आरोपियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी और आभूषणों से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (TechINT), साइबर विश्लेषण, मुखबिर सूचना और मानव खुफिया तंत्र (HumINT) की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने बिहार और झारखंड के अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की पूरी साजिश रची थी।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी घटना से तीन दिन पहले ही क्षेत्र में पहुंच गए थे और कोटमीकला बाजार में ज्वेलरी व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। 26 मई की शाम मौका मिलते ही उन्होंने प्रदीप सोनी को निशाना बनाया। विरोध करने पर राहुल उर्फ मनीष मंडल ने अवैध हथियार से गोली चला दी, जिससे व्यवसायी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए और लूटे गए सोना-चांदी का आपस में बंटवारा कर लिया। पुलिस ने लगातार छापेमारी करते हुए बिहार और झारखंड तक दबिश दी। मुख्य आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल को बिहार के बांका जिले से, सुजीत उर्फ राजू दास को बिहार के रजौन क्षेत्र से तथा संतोष कुमार दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ से पकड़ा गया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 2 देशी कट्टे, 4 जिंदा कारतूस, एक खोखा, 40 ग्राम सोना, 4 किलो 480 ग्राम चांदी, 7 मोबाइल फोन, 2 मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार कुछ आरोपी पहले भी लूट और चोरी के कई मामलों में शामिल रह चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित अंतर्राज्यीय लूट गिरोह था, जो बाजारों में रेकी कर ज्वेलरी व्यापारियों को निशाना बनाता था। इस अंधे कत्ल और लूटकांड का खुलासा कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में चर्चित रहे इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।















