LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

सिस्टम की ‘लालटेन’ गुल: पसान में किसान बेहाल, लापता अधिकारी की तलाश में ‘चिमनी’ लेकर तलाश मे किसान

कोरबा (पसान): इसे लोकतंत्र की विडंबना कहें या प्रशासन की संवेदनहीनता, कि जिस देश में “जय जवान, जय किसान” का नारा गूंजता है, उसी देश के अन्नदाता आज एक सरकारी कर्मचारी को ढूंढने के लिए दिन के उजाले में ‘चिमनी’ (लालटेन) लेकर भटकने को मजबूर हैं। मामला कोरबा जिले के पसान क्षेत्र का है, जहाँ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजेश कुशरो के लगातार नदारद रहने से खेती-किसानी पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।

​कुर्सी खाली, किसान परेशान :-

ये खबर भी पढ़ें…
राशन घोटाले के आरोपों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! फिंगरप्रिंट लेकर राशन हड़पने की शिकायत, विक्रेता ने अनियमितता मानी; दुकान निलंबन का प्रस्ताव
राशन घोटाले के आरोपों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! फिंगरप्रिंट लेकर राशन हड़पने की शिकायत, विक्रेता ने अनियमितता मानी; दुकान निलंबन का प्रस्ताव
August 9, 2026
राशन घोटाले के आरोपों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! फिंगरप्रिंट लेकर राशन हड़पने की शिकायत, विक्रेता ने अनियमितता मानी; दुकान...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​पसान क्षेत्र के एक-दो नहीं, बल्कि लैंगी, कुम्हारीसानी, बैरा, कोटमार्रा, बलबहरा, खोड़री, खम्हरिया, साढामार, अडसरा, रानिअटारी और घाघरा जैसे दर्जनों गाँवों की किस्मत इस वक्त ताले में बंद कृषि कार्यालय के बाहर खड़ी सिसक रही है। किसानों का आरोप है कि साहब दफ्तर को अपना निजी आरामगाह समझ चुके हैं। सरकारी फाइलों में योजनाएं तो बहुत हैं, लेकिन धरातल पर अधिकारी की गैरमौजूदगी ने उन योजनाओं का दम घोंट दिया है।

​अंधेरे में कृषि विभाग का भविष्य :-

ये खबर भी पढ़ें…
बैगा आवासीय विद्यालय धनौली में हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं न्योता भोज, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की सहभागिता
बैगा आवासीय विद्यालय धनौली में हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं न्योता भोज, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की सहभागिता
August 9, 2026
बैगा आवासीय विद्यालय धनौली में हुआ पालक-बालक सम्मेलन एवं न्योता भोज, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की सहभागिता गौरेला। पवन पैकरा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​किसानों का यह ‘चिमनी प्रदर्शन’ केवल एक व्यंग्य नहीं, बल्कि प्रशासन के गाल पर करारा तमाचा है। 

​जब बुआई का समय हो, तब बीज और खाद के लिए किसान किसके पास जाए?

ये खबर भी पढ़ें…
“12 अगस्त को हर विद्यार्थी लगाए एक पौधा, पर्यावरण संरक्षण में निभाएं जिम्मेदारी”- रजनीश तिवारी
“12 अगस्त को हर विद्यार्थी लगाए एक पौधा, पर्यावरण संरक्षण में निभाएं जिम्मेदारी”- रजनीश तिवारी
August 10, 2026
हरियाली अमावस्या पर 12 अगस्त को होगा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, जिलेभर में पौधरोपण का संदेश [video width="832"...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​फसल बीमा और सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए क्या किसान अब अधिकारियों के घर के चक्कर काटे?

​अगर अधिकारी ड्यूटी से गायब है, तो क्या विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं?

​”साहब अंधेरे में कहीं खो गए हैं, शायद उन्हें रोशनी की जरूरत है। हम चिमनी लेकर ढूंढ रहे हैं कि शायद कहीं किसी कोने में अपना कर्तव्य निभाते दिख जाएं।” यह मायूस किसानों का वह तंज है जो व्यवस्था की खोखली दीवारों को हिला देने के लिए काफी है।

​प्रशासन की चुप्पी पर सवाल :- 

​हैरानी की बात यह है कि बार-बार की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्या प्रशासन को किसानों के पसीने की कोई कीमत नहीं दिखती? क्या सरकारी वेतन केवल नदारद रहने के लिए दिया जा रहा है? किसानों में अब आक्रोश चरम पर है। उनकी मांग स्पष्ट है सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि राजेश कुशरो जैसे लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में नियमित व्यवस्था बहाल हो।

Back to top button
error: Content is protected !!