LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

प्रेम प्रसंग पहुंचा अजीवन कारावास तक, कौन है इस कृत्य का मास्टर माइंड…?

नाबालिग लड़की को भगाकर दैहिक शोषण के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा…

अपराध में सहयोग करने वाली मास्टरमाइंड पीड़िता की चाची और उसके प्रेमी को भी 7-7 साल की सजा

ये खबर भी पढ़ें…
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी
August 12, 2026
हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

स्पेशल एडीजे किरण थवाईत ने सुनाई सजा

ये खबर भी पढ़ें…
बलरामपुर में साइकिल वितरण पर बड़ा सवाल: गुणवत्ता जांच में अफसर फेल, कलेक्टर ने मांगा जवाब; बाकी जिलों में कार्रवाई कब?
बलरामपुर में साइकिल वितरण पर बड़ा सवाल: गुणवत्ता जांच में अफसर फेल, कलेक्टर ने मांगा जवाब; बाकी जिलों में कार्रवाई कब?
August 12, 2026
बलरामपुर में साइकिल वितरण पर बड़ा सवाल: गुणवत्ता जांच में अफसर फेल, कलेक्टर ने मांगा जवाब; बाकी जिलों में कार्रवाई...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

गौरेला पेंड्रा मरवाही: नाबालिग लड़की को उसके प्रेमी के साथ भगाकर ले जाने में सहयोग करने के मामले में स्पेशल एडीजे कोर्ट ने पीड़िता के प्रेमी सहित पूरी योजना को अंजाम देने और सहयोग करने वाली पीड़िता की चाची और उनके प्रेमी को अलग अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई है।

कहा का है पूरा मामला, क्यों की ऐसे कृत्य

ये खबर भी पढ़ें…
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
August 12, 2026
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

दरअसल पूरा मामला 26 नवंबर 2022 को मरवाही के एक गांव का है जहां रहने वाली एक स्कूली छात्रा के स्कूल से वापस नहीं आने पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने मरवाही थाना में दर्ज करायी थी,जिस पर मरवाही थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 363 के तहत अपराध कायम किया गया था। जिसकी पतासाजी करते हुये पुलिस ने पीड़िता को उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के थाना कंकरखेड़ा के झिझोकर गांव से नाबालिग पीड़िता को बरामद करते हुये तीन लोगों को गिरफतार किया था। पुलिस को पता चला कि पीड़िता का दुगेश चंद्रा उर्फ पारस नाम के एक युवक से प्रेम संबंध था जोकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र का रहने वाला था और घटना दिनांक को पीड़िता को उसकी स्कूल से उसकी सगी चाची (पीड़िता की पहचान न बताने के लिये उनका नाम नहीं लिखा जा रहा है) ने अपने साथ भगाकर पहले पेंड्रा ले गयी।

चाची ने पीड़िता को 20 हजार रूपये घर से रखवाया भी जिसे बाद में पैसों को चाची ने ले लिया। पीड़िता और उसकी चाची पहले बस से पेंड्रा गये जहां उनको आरोपी दुर्गेश चंद्रा मिला फिर ये तीनों गोंदिया गये जहां चाची ने खुद का प्रेम संबंध अजय चंद्रा से होने की बात बतलायी और बाद में गोंदिया में चाची ने अपने प्रेमी अजय चंद्रा जोकि मध्यप्रदेश के बिजुरी क्षेत्र का रहने वाला था, से मिलाते हुये पीड़िता को उसके प्रेमी के साथ भागने की योजना को अंजाम दिया और पीड़िता, प्रेमी दुर्गेश चंद्रा, चाची और चाची का प्रेमी अजय चंद्रा ये चारों पहले दिल्ली गये जहां कमरा नहीं मिलने पर मेरठ गये और मेरठ के गन्ना खेत में काम करने लगे थे। जहां प्रेमी के द्वारा पीड़िता से लगातार शारीरिक संपर्क स्थापित किया गया। जिनकी पतासाजी करते हुये पुलिस इनको 5 जनवरी 2023 को गिरफतार करते हुये लायी थी।

इस मामले में स्पेशल एडीजे किरण थवाईत ने मुख्य आरोपी दुर्गेश चंद्रा उर्फ पारस को पोक्सों एक्ट की धारा 3 और 4(2)के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रूपये अर्थदंडकी सजा सुनाई है। वहीं इस अपराध में सहयोग करने वाली चाची और उसके प्रेमी अजय चंद्रा को पॉक्सो एक्ट की धारा 16 और सहपठित धारा17 के तहत 7-7 साल और 3 हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनायी है.। सभी आरोपियों को अर्थदंड की अदायगी में चूक करने पर 6-6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज नगाईच ने किया। वहीं फैसले में कहा गया है कि पीड़िता 16 साल से कम उम्र की लड़की है पर वह स्वेच्छा से प्रेमसंबंध होने के कारण अपने प्रेमी अभियुक्त दुर्गेश के साथ गयी थी जिसके कारण पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत प्रतिकर दिलाना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है।

Back to top button
error: Content is protected !!