
बलरामपुर में साइकिल वितरण पर बड़ा सवाल: गुणवत्ता जांच में अफसर फेल, कलेक्टर ने मांगा जवाब; बाकी जिलों में कार्रवाई कब?
बलरामपुर। छात्राओं को वितरित की जा रही सरस्वती साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइकिल वितरण से पहले गुणवत्ता की जांच नहीं किए जाने के मामले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

मामले में DEO, BEO और संबंधित प्राचार्य को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। सवाल यह है कि छात्राओं को दी जाने वाली साइकिल जैसी महत्वपूर्ण योजना में वितरण से पहले गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी? यदि जांच प्रक्रिया में लापरवाही हुई है तो केवल जवाब मांगना पर्याप्त होगा या जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई भी होगी?
सबसे बड़ा सवाल अब यह भी है कि क्या गुणवत्ता जांच की ऐसी व्यवस्था केवल बलरामपुर जिले तक सीमित थी, या प्रदेश के अन्य जिलों में भी साइकिल वितरण से पहले इसी तरह की जांच की गई है? यदि बलरामपुर में गुणवत्ता जांच में लापरवाही सामने आई है, तो शासन और संबंधित विभाग को अन्य जिलों में वितरित की जा रही साइकिलों की भी गुणवत्ता जांच करानी चाहिए, ताकि छात्राओं को घटिया या मानकविहीन सामग्री मिलने की कोई गुंजाइश न रहे।

अब निगाह इस बात पर है कि कलेक्टर द्वारा मांगे गए जवाब के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या अन्य जिलों में भी गुणवत्ता जांच को लेकर जिम्मेदारी तय की जाएगी?
















