
पालक-बालक सम्मेलन में मिली मांग का त्वरित निराकरण, सीता और गीता बैगा को छात्रावास में मिला प्रवेश
बेटियों की शिक्षा को सुगम बनाने जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 11 अगस्त 2026/ पालक-बालक सम्मेलन शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ ही उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में ग्राम करंगरा पंचायत धनौली निवासी श्रीमती संतोषी बैगा द्वारा पालक-बालक सम्मेलन धनौली में अपनी दोनों बेटियों सीता बैगा एवं गीता बैगा को छात्रावास में प्रवेश दिलाने की मांग रखी गई थी। जिला प्रशासन द्वारा उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही की गई और दोनों छात्राओं को पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, पेंड्रा में प्रवेश दिलाया गया है। छात्राओं को छात्रावास में प्रवेश मिलने से अब उन्हें अध्ययन के लिए बेहतर एवं अनुकूल वातावरण के साथ आवश्यक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा उनकी नियमित पढ़ाई में सहायक होगी और उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाएगी।
श्रीमती संतोषी बैगा ने अपनी दोनों बेटियों के छात्रावास में प्रवेश मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बेटियों की पढ़ाई को लेकर उनकी चिंता अब दूर हो गई है। छात्रावास में प्रवेश मिलने से उनकी बेटियों को शिक्षा जारी रखने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा पालक-बालक सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों एवं मांगों को प्राथमिकता से लेते हुए पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस पहल से यह संदेश भी मिलता है कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए अवसर सुनिश्चित करना भी है।
















