
CMO और लेखापाल विहीन मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका: एक हफ्ते बाद भी नहीं संभाला पदभार, विकास कार्य ठप
मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी), 25 अप्रैल जिले के मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका में प्रशासनिक अव्यवस्था अपने चरम पर पहुंच गई है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और लेखापाल के पद खाली होने के कारण पूरे नगर पालिका का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात यह हैं कि शासन द्वारा आदेश जारी होने के एक सप्ताह बाद भी नए CMO ने पदभार ग्रहण नहीं किया है, जिससे नगर पालिका में अनिश्चितता और ठहराव की स्थिति बनी हुई है।

नगर पालिका में जिम्मेदार अधिकारी के अभाव में रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों से लेकर विकास योजनाओं तक सब कुछ प्रभावित हो रहा है। न तो किसी को आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें शासन की योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा।
कार्यालय में पसरा सन्नाटा, नगर पालिका कार्यालय का माहौल इन दिनों पूरी तरह सुस्त नजर आ रहा है। अधिकारी के अभाव में फाइलें लंबित पड़ी हैं और निर्णय लेने वाला कोई नहीं है। कर्मचारी भी असमंजस की स्थिति में हैं, क्योंकि उन्हें दिशा-निर्देश देने वाला कोई सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं है।

कर्मचारियों का वेतन भी अटका, स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। लेखापाल के पद खाली होने के कारण वित्तीय कार्य ढ़प पड़े हैं, जिससे वेतन भुगतान और अन्य आर्थिक प्रक्रियाएं बाधित हो रही हैं। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जनता को योजनाओं का लाभ नहीं, नगर पालिका के माध्यम से संचालित होने वाली विभिन्न योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। सफाई, जल आपूर्ति, सड़क मरम्मत जैसे मूलभूत कार्यों में भी सुस्ती आ गई है। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना पड़ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आदेश जारी होने के बाद भी अधिकारी ने अब तक पदभार क्यों नहीं संभाला? और यदि ऐसी स्थिति बनी हुई है तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? प्रशासन की इस लापरवाही पर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द CMO और लेखापाल की नियुक्ति कर नगर पालिका के कार्यों को पटरी पर लाया जाए। अन्यथा यह प्रशासनिक लापरवाही बड़े जनआक्रोश का कारण बन सकती है।















