नोटिस का झुनझुना या भ्रष्टाचार का नया फंडा.? केंदा स्कूल कांड में DEO विजय टांडे की संदिग्ध खामोशी और ‘मंत्रालय’ के नाम पर दोषियों को बचा रहे.?

जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर/कोटा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा विभाग ने शायद ‘टाइम मशीन’ का अविष्कार कर ली है। कोटा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केंदा में समय चक्र इतनी तेजी से घूमा कि 11वीं की परीक्षा तय वक्त से पहले ही हो गई। इसे विभाग की ‘सुपरफास्ट स्पीड’ कहें या सिस्टम का दिवालियापन, क्योंकि जब चोरी पकड़ी गई, तो प्राचार्य और शिक्षकों ने मीडिया के सामने सरेआम सीना ठोककर अपनी गलती मान भी ली। लगा कि अब तो दोषियों पर गाज गिरेगी, लेकिन असली ‘खेल’ तो इसके बाद शुरू हुआ।
’नोटिस’ का झुनझुना और DEO साहब का मासूम बहाना :-

कैमरे पर जुर्म कुबूल होने के बाद कायदे से तत्काल निलंबन की कार्रवाई होनी थी। लेकिन बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टांडे ने दोषियों को बचाने की ऐसी ‘स्क्रिप्ट’ लिखी कि सब हैरान रह गए। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक ‘कागजी नोटिस’ का झुनझुना थमा दिया गया। जब पत्रकारों ने DEO साहब से इस मेहरबानी का कारण पूछा, तो उनका जवाब किसी कॉमेडी फिल्म के डायलॉग से कम नहीं था – “मैंने तो अभी तक फाइल ही नहीं देखी है।” वाह रे सिस्टम! जब साहब ने फाइल देखी ही नहीं, तो क्या नोटिस बिना देखे हवा में जारी कर दिया गया? स्पष्टीकरण आ गया, गलती मान ली गई, फिर भी कार्रवाई के नाम पर हाथ क्यों कांप रहे हैं?
क्या फाइल पर ‘मोटी रकम’ का वजन भारी पड़ गया..?

अब अपनी नाकामी छुपाने के लिए DEO दफ्तर से ‘मंत्रालय’ का रोना रोया जा रहा है। बहाना बनाया जा रहा है कि आगे की कार्रवाई मंत्रालय करेगा। क्या जिले के आला अधिकारी इतने ‘दंतहीन’ हो चुके हैं कि एक स्कूल के प्राचार्य पर एक्शन लेने के लिए उन्हें मंत्रालय का मुंह ताकना पड़ रहा है? अब चौक-चौराहों पर चर्चा आम है कि क्या ‘स्पष्टीकरण’ के नाम पर पर्दे के पीछे कोई बड़ा ‘सेटेलमेंट’ हो चुका है? क्या फाइलों के ऊपर किसी ‘मोटी रकम’ का ऐसा वजन रख दिया गया है, जिसके बोझ तले DEO साहब की कलम दब गई है?
कलेक्टर महोदय, अब आखिरी उम्मीद आप हैं :-

DEO दफ्तर की इस संदिग्ध कार्य और भ्रष्टाचारी जुगाड़ से त्रस्त होकर स्थानीय जनता का शिक्षा विभाग से पूरी तरह मोहभंग हो चुका है। अब लोगों ने सीधे बिलासपुर जिला कलेक्टर की चौखट पर न्याय की आस लगाई है।















