
“MCB शिक्षा विभाग की खुली पोल: स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं का डेटा तक नहीं भर पाए अफसर, प्रभारी DEO को संचालनालय का कारण बताओ नोटिस
एमसीबी/छत्तीसगढ़। प्रदेश के शिक्षा विभाग में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय पोर्टल पर “शाला भवन एवं परिसर की मूलभूत सुविधाओं” से संबंधित जानकारी समय सीमा में दर्ज और सत्यापित नहीं किए जाने के कारण की गई है।

संचालनालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के सभी जिलों को 30 अप्रैल 2026 तक स्कूलों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने तथा विकासखंड स्तर पर उसका सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन मई 2026 तक प्राप्त रिपोर्ट में MCB जिला इस महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा नहीं कर पाया।
इस गंभीर लापरवाही पर संचालनालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय में जिला स्तर पर उदासीनता और घोर लापरवाही दिखाई दे रही है। विभाग ने इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी के निर्वहन में गंभीर चूक माना है।

जारी नोटिस में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिवस के भीतर लंबित कार्य पूर्ण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही साफ चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद MCB जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सरकार लगातार स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं सुधारने के दावे कर रही है, तब जिला स्तर के जिम्मेदार अधिकारी ही विभागीय पोर्टल पर आवश्यक जानकारी तक समय पर अपडेट नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में सरकारी योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।

सूत्रों की मानें तो विभाग अब ऐसे जिलों की अलग से समीक्षा कर सकता है जहां शाला भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी अपडेट करने में लापरवाही बरती गई है। MCB जिले में हुई इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है।















