LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

रोपण कार्यों में लापरवाही, सीमेंट पोल और जाली की जगह लकड़ी की बल्लियां, करोड़ों की हानि

रोपण कार्यों में लापरवाही, सीमेंट पोल और जाली की जगह लकड़ी की बल्लियां, करोड़ों की हानि

रायपुर- मरवाही: मरवाही वनमंडल में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रीन क्रेडिट योजना और कैम्पा योजना के तहत मरवाही वन मंडल के पेंड्रा,खोडरी, गौरेला और मरवाही रेंज में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, पुराने और जमे हुए वनकर्मियों ने नए डीएफओ की पोस्टिंग का फायदा उठाकर नियमों की अवहेलना की और करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की।

ये खबर भी पढ़ें…
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल
June 22, 2026
एडमिशन विवाद के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग, जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी, बीमार छात्र का जाना हालचाल बच्चे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सीसीएफ बिलासपुर_प्रभात मिश्रा का तीखा प्रहार 

रोपण कार्यों में लापरवाही 

ये खबर भी पढ़ें…
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद
June 22, 2026
कोटमीकला ज्वेलरी व्यवसायी हत्याकांड में बड़ी सफलता: झारखंड से चांदी खरीददार गिरफ्तार, 1157 ग्राम चांदी बरामद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के कोटमीकला...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

योजना के अनुसार जोड़ातालाब और अन्य क्षेत्रों में पौधों की उच्च तकनीकी तैयारी, उचित पौधा खरीद और रोपण करना अनिवार्य था। लेकिन स्थानीय रेंजरों ने अपने सहयोगी कर्मियों के साथ मिलकर छोटे पौधों या सीधे बीज का रोपण कर दिया साथ ही मैटेरियल का निचले कर्मचारी से कमीशन का भी खेल हुआ है। कई जगहों पर मनरेगा योजना से तैयार नर्सरी के पौधों का इस्तेमाल किया गया और बाद में फर्जी क्रय या तैयारी का दावा कर करोड़ों की राशि का गबन करने की योजना बनाई जा रही थी।

ये खबर भी पढ़ें…
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज
June 22, 2026
सुख दुःख और विपत्तियों में एक सच्चे मित्र की पहचान होती है: व्यास अशोककृष्ण महाराज ""वन पूर्णाहुति भंडारा प्रसाद के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

धनौली परिसर में सीधे जंगल क्षेत्र को ही रोपण क्षेत्र मानकर खर्च किया गया। पौधों की सुरक्षा के लिए सीमेंट पोल और जाली की बजाय लकड़ी की अस्थायी बल्लियों और तार का उपयोग किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि लकड़ी जल्द खराब हो जाती है और जानवरों या मौसम से पौधों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

वनकर्मियों पर कार्रवाई और दबाव

डीएफओ मरवाही और सीसीएफ के संज्ञान में आने पर खोडरी प्रभारी रेंजर मनीष श्रीवास्तव, परिक्षेत्र सहायक उदय तिवारी और परिसर रक्षक राकेश राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। अन्य कर्मियों को डीएफओ ने शिकायत के आधार पर अन्यत्र स्थानांतरण का आदेश दिया।सूत्रों का कहना है कि जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई, उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया और अपने गलत कार्यों को सुधारने के बजाय संघ का सहारा लेकर उच्च अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

जांच में देरी और चर्चा का विषय

वन विभाग ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 11 सितंबर 2025 को जांच समिति गठित की थी। मुख्य वन संरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव के आदेशानुसार समिति को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी।लेकिन सूत्रों के अनुसार जीपीएम जिले के वन विभाग में यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है कि मामला “सब रफा दफा” करने की तैयारी है। कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों के दबाव की वजह से जांच में देरी हो रही है और अभी तक समिति की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

जांच समिति के सदस्य

1.श्री गुरुनाथन एन सिंह, प्रभारी वन संरक्षक (भू-प्रबंध) – अध्यक्ष,

1.श्री पुष्कर कुमार साहू, सहायक वन संरक्षक सदस्य सचिव, जैव विविधता बोर्ड – सदस्य

1.श्री डी.के. एस मौर्य, विषय विशेषज्ञ (कैम्पा) – सदस्य सचिव 

समिति मरवाही वन मंडल में ग्रीन क्रेडिट योजना के अंतर्गत हुए रोपण कार्यों की गुणवत्ता, प्रक्रिया और वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है ताकि आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।

विशेषज्ञों ने चेताया है कि अस्थायी सुरक्षा उपाय पौधों की रक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं। वनकर्मियों की लापरवाही और सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग पौधों की सुरक्षा और करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

वन विभाग और विशेषज्ञों का सुझाव है कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और योजना में किए गए अनियमित कार्यों के कारण हुई धनराशि वसूली जाए। इससे सरकारी धन का संरक्षण होगा और वन क्षेत्र में पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

Back to top button
error: Content is protected !!