LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

फर्जी नामांतरण कांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन, ग्राम पंचायत सचिव ज्योति गुप्ता और पूर्व सरपंच सुखलाल पोर्ते पर गिरेगी गाज

फर्जी नामांतरण कांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन, ग्राम पंचायत सचिव ज्योति गुप्ता और पूर्व सरपंच सुखलाल पोर्ते पर गिरेगी गाज

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 6 जून 2026।मरवाही क्षेत्र के ग्राम मगुरदा में आदिवासी परिवारों की पैतृक जमीन के कथित फर्जी नामांतरण और उसे बेचने की साजिश के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को संबंधित ग्राम पंचायत सचिव एवं तत्कालीन सरपंच के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
आंगनबाड़ी भर्ती विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा का तबादला
आंगनबाड़ी भर्ती विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा का तबादला
June 13, 2026
मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया पर उठे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामला तब उजागर हुआ जब ग्राम मगुरदा के निवासी सावन सिंह वाकरे, मानसिंह, राम खिलावन और दिनेश सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पैतृक एवं आदिवासी भूमि का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण कर दूसरे लोगों के नाम दर्ज कराने और शेष भूमि को बेचने की तैयारी की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि ग्राम सभा का प्रस्ताव बिना पर्याप्त सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के पारित कर दिया गया। इतना ही नहीं, मृतक खातेदारों एवं उनके वैध उत्तराधिकारियों के संबंध में आवश्यक छानबीन भी नहीं की गई, जबकि भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों में यह एक अनिवार्य प्रक्रिया मानी जाती है।

रिपोर्ट में ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती ज्योति गुप्ता और तत्कालीन सरपंच श्री सुखलाल पोर्ते की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि जिम्मेदार पदों पर रहते हुए उन्होंने दस्तावेजों और रिकॉर्ड का समुचित परीक्षण नहीं किया, जिसके कारण आदिवासी परिवारों की पैतृक जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा और विक्रय की कोशिश का रास्ता तैयार हुआ।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को पत्र जारी कर दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को भूमाफियाओं और राजस्व तंत्र की कथित मिलीभगत पर बड़ी चोट माना जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में जिले में फर्जी नामांतरण और भूमि हड़पने से जुड़े मामलों पर प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। पहले राजस्व अमले पर कार्रवाई और अब पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय किए जाने से यह स्पष्ट संकेत गया है कि आदिवासी जमीनों में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ क्या आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जाते हैं या नहीं।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा
June 13, 2026
ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं हुई सुदृढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!