“छेर-छेरा नहीं, छत्तीसगढ़ की असली पहचान है” जनपद उपाध्यक्ष प्रकाशचंद जाखड़ का तीखा संदेश

मिथलेश आयम, कोरबा।(खबरो का राजा) : छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े पारंपरिक पर्व छेर-छेरा के पावन अवसर पर जिला कोरबा जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के जनपद उपाध्यक्ष प्रकाशचंद जाखड़ ने समस्त जिला वासियों एवं क्षेत्र वासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि छेर-छेरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जो दान, सहयोग और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
प्रकाशचंद जाखड़ ने तीखे शब्दों में कहा कि आज के समय में जब समाज में स्वार्थ और दिखावे का बोलबाला बढ़ रहा है, ऐसे में छेर-छेरा जैसे पर्व हमें संस्कार, सादगी और मानवता की याद दिलाते हैं। यह पर्व अमीर-गरीब, ऊंच-नीच के भेद को मिटाकर समाज को एक सूत्र में बांधने का काम करता है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें, बल्कि इसके मूल उद्देश्य दान, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद को जीवन में उतारें। जाखड़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराएं ही हमारी पहचान हैं और इन्हें सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अंत में उन्होंने कामना की कि छेर-छेरा पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति यूं ही पीढ़ी दर पीढ़ी फलती-फूलती रहे।





