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नवाचार से दमका शिक्षा विभाग, राज्योत्सव में मिला प्रथम स्थान “यह उपलब्धि जिले के हर शिक्षक के समर्पण की पहचान है”-डीईओ रजनीश तिवारी

नवाचार से दमका शिक्षा विभाग, राज्योत्सव में मिला प्रथम स्थान

“यह उपलब्धि जिले के हर शिक्षक के समर्पण की पहचान है”-डीईओ रजनीश तिवारी

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही,6 नवम्बर 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे रजत जयंती राज्योत्सव का जिला स्तरीय आयोजन गौरेला स्थित गुरुकुल खेल मैदान में 2 से 4 नवम्बर तक बड़े उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।इस आयोजन में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों में शिक्षा विभाग गौरेला–पेंड्रा–मरवाही का स्टाल आकर्षण का केंद्र बना रहा। विभाग द्वारा प्रदर्शित खेल-खेल में सीखने की विधियाँ, शैक्षणिक मॉडल, डिजिटल लर्निंग सामग्री और बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियाँ ने आगंतुकों का मन मोह लिया।

विशेष रूप से महिला शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाने के नए–नए तरीकों का जीवंत प्रदर्शन किया, जिनमें ‘जादुई पिटारा’, ‘चिट उठाओ प्रतियोगिता’, और ‘फुटबॉल कैच कर शब्द पढ़ो’ जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। इन रोचक नवाचारों ने शिक्षण को मनोरंजक, सहभागितापूर्ण और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।इन आकर्षक प्रस्तुतियों और शिक्षकों की सृजनशीलता के आधार पर शिक्षा विभाग गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के स्टाल को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि जिले के शिक्षा जगत में गर्व और चर्चा का विषय बनी हुई है। इस सफलता का श्रेय जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के कुशल मार्गदर्शन और प्रभावी समन्वय को दिया जा रहा है।उन्होंने कहा “हमारा उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाना और शिक्षा को आनंददायक बनाना है। यह उपलब्धि जिले के हर शिक्षक के समर्पण और नवाचार की भावना का परिणाम है। हम आगे भी शिक्षा को और अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए ऐसे प्रयास जारी रखेंगे।”राज्योत्सव में उपस्थित आगंतुकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग की इस प्रस्तुति की भूरि–भूरि प्रशंसा की और कहा कि इस स्टाल ने वास्तव में ‘नवाचार के साथ शिक्षा’ की मिसाल पेश की है।

तीन दिवसीय राज्योत्सव के समापन अवसर पर घोषणा की गई कि

प्रथम स्थान – शिक्षा विभाग गौरेला–पेंड्रा–मरवाही,द्वितीय स्थान – पंचायत एवं राजस्व विभाग (संयुक्त रूप से),तृतीय स्थान – समाज कल्याण विभाग को प्राप्त हुआ।

इस उपलब्धि ने न केवल जिले की शिक्षा व्यवस्था को गौरवान्वित किया है, बल्कि यह साबित किया है कि नवाचार, समर्पण और सहयोग से शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

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