
स्वरांजलि संगीत एवं कला मंच जीपीएम का गठन, राकेश चतुर्वेदी बने जिलाध्यक्ष
विनय सूर्यवानी को सचिव और आदित्य पांडेय को कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी की जिम्मेदारी

तपेश्वर चंद्रा/पेण्ड्रा। जिले में गीत, संगीत और कला के क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से स्वरांजलि संगीत एवं कला मंच जीपीएम का गठन किया गया है। मंच की बैठक 19 सितंबर को पेण्ड्रा में आयोजित हुई, जिसमें जिले में सक्रिय संगीत एवं कला संस्थाओं के साथ समन्वय कर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा सकारात्मक सांगीतिक वातावरण तैयार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। राकेश चतुर्वेदी को जिलाध्यक्ष, विनय सूर्यवानी को सचिव तथा आदित्य पांडेय को कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी बनाया गया। वहीं मदन सोनी, प्रशांत कुशवाहा और पूजा केशरवानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

संजय विश्वकर्मा (राजू), प्रतीक गुप्ता को सह सचिव बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ. देवेंद्र पैकरा, डॉ. नीरज जैन, राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, अंबिका शर्मा, अखिलेश नामदेव, विकास जायसवाल, शरद अग्रवाल, शरद गुप्ता, प्रमोद शर्मा, सत्यनारायण जायसवाल, नितेश जैन, प्रशांत गुप्ता, अमित शर्मा, आशुतोष तिवारी, अजीत दुबे, सुरेश केशरवानी, दीपक तिवारी, कुंज बिहारी तिवारी और समीर खान को शामिल किया गया है।
इसके अलावा कंचन सिंग, पूजा पवार, मीनाक्षी केशरवानी, मीना शर्मा और शिवानी सूर्यवानी को विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है।

13 अक्टूबर को होगा ‘स्वरांजलि’ कार्यक्रम
मंच की ओर से 13 अक्टूबर को माधवराव सप्रे जिला प्रेस क्लब भवन के हॉल में ‘स्वरांजलि’ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम में भारतीय संगीत जगत की महान गायिका लता मंगेशकर, आशा भोसले और किशोर कुमार को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार सितंबर माह में लता मंगेशकर और आशा भोसले की जयंती तथा अक्टूबर में किशोर कुमार की पुण्यतिथि के अवसर को ध्यान में रखते हुए तीनों महान कलाकारों की स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए गायक एवं गायिकाओं का ऑडिशन के आधार पर चयन किया जाएगा। मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि जीपीएम जिले की स्थानीय गीत-संगीत एवं कला प्रतिभाओं को पहचान दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही मंच भविष्य में सामाजिक गतिविधियों में भी सहयोगी भूमिका निभाएगा।













