LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाकर ‘मौत का मैदान’ तैयार—सक्ती के सकराली में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग का खुलासा

पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाकर ‘मौत का मैदान’ तैयार—सक्ती के सकराली में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग का खुलासा

सक्ती |सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत ग्राम सकराली में अवैध राखड़ (फ्लाई ऐश) डंपिंग का बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। पर्यावरण नियमों को दरकिनार कर खुलेआम की जा रही इस लापरवाही ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि स्थानीय पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर की पर्यावरण टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिन्होंने नियमों के पालन की पोल खोल दी।

ये खबर भी पढ़ें…
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक
May 27, 2026
17वीं राज्य स्तरीय वुशू चैम्पियनशिप में रायपुर का जलवा, खिलाड़ियों ने जीते 18 पदक रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वुशू संघ द्वारा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि फ्लाई ऐश डंपिंग स्थल बोरई नदी से महज 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि पर्यावरण मानकों के अनुसार ऐसी डंपिंग कम से कम 500 मीटर दूर होना अनिवार्य है। इस घोर लापरवाही से साफ है कि नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि डंपिंग स्थल पर जरूरी जानकारी दर्शाने वाला कोई साइन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। वहीं राखड़ के परिवहन और निपटान के दौरान वायु एवं जल प्रदूषण को रोकने के लिए भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
गोबर खाद घोटाले में दूसरी बड़ी कार्रवाई: मरवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश खैरवार निलंबित, GPM वन विभाग में मचा हड़कंप
गोबर खाद घोटाले में दूसरी बड़ी कार्रवाई: मरवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश खैरवार निलंबित, GPM वन विभाग में मचा हड़कंप
May 27, 2026
मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) : वन विभाग में बहुचर्चित गोबर खाद घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की अवैध डंपिंग से भूमिगत जल के प्रदूषित होने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। साथ ही बारिश के दौरान फ्लाई ऐश के बहकर सीधे नदी में मिलने की आशंका है, जिससे जल स्रोतों का दूषित होना तय माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उनके स्वास्थ्य और आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। मौके पर पहुंची पर्यावरण टीम ने पंचनामा तैयार कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदारों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है, या यह मामला भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें…
जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ हर बैगा परिवार तक पहुंचे”
जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ हर बैगा परिवार तक पहुंचे”
May 27, 2026
“जंगलों तक पहुंची सरकार की सख्ती: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अचानकमार में अफसरों को चेताया, कहा— योजनाओं का लाभ...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!