
29 हरे-भरे पेड़ों की कटाई पड़ी भारी! प्रधान पाठक निलंबित, शिक्षा विभाग ने दिखाई सख्ती
बालोद। शासकीय स्कूल परिसर में बिना अनुमति और उच्च अधिकारियों को सूचना दिए 29 हरे-भरे पेड़ों की कटाई कराना एक प्रधान पाठक को भारी पड़ गया। मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़भूम, विकासखंड गुरूर के प्रधान पाठक डोमार सिंह निषाद पर आरोप है कि उन्होंने शाला विकास समिति के प्रस्ताव के आधार पर स्कूल परिसर में लगे लगभग 29 पेड़ों की कटाई करवा दी, लेकिन इसकी जानकारी न तो उच्च कार्यालय को दी गई और न ही आवश्यक प्रशासनिक अनुमति ली गई। मामले की शिकायत और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ने इसे गंभीर अनियमितता माना और कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा। इसके बाद संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन और शासकीय दायित्वों की उपेक्षा को गंभीर कदाचार मानते हुए प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित प्रधान पाठक का कृत्य गैर-जिम्मेदाराना, स्वैच्छाचारी और पद की गरिमा के विपरीत है। यही कारण है कि उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय डौण्डी लोहारा, जिला बालोद निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि स्कूल परिसर के 29 हरे-भरे पेड़ बिना प्रशासनिक अनुमति के काटे जा सकते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण और सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा के दावों का क्या होगा? शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
















