
छात्र दुर्घटना बीमा योजना: दो दिवंगत विद्यार्थियों के परिजनों को मिली एक-एक लाख रुपये की सहायता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छात्र दुर्घटना बीमा योजना के तहत जिले के दो दिवंगत विद्यार्थियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस योजना के माध्यम से दुर्घटना के कारण असमय जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।


जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला शिक्षा अधिकारी ने पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना है और छात्र दुर्घटना बीमा योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

योजना के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तरईगांव की कक्षा दूसरी की दिवंगत छात्रा शिवानी यादव के पालक नीलेश यादव को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला बाड़ीखार के कक्षा दूसरी के दिवंगत छात्र अजय मरकाम के पालक राजेश सिंह को भी एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की गई। जानकारी के अनुसार दोनों मामलों में विद्यार्थियों के परिजनों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच, पात्रता परीक्षण एवं नियमानुसार अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सहायता राशि स्वीकृत की गई। इसके पश्चात दोनों परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
जिला प्रशासन ने बताया कि छात्र दुर्घटना बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में विद्यार्थियों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। कई बार किसी छात्र की आकस्मिक मृत्यु से परिवार पर भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक संकट भी आ जाता है। ऐसे समय में शासन द्वारा दी जाने वाली यह सहायता परिवारों को कुछ हद तक राहत प्रदान करती है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी विद्यार्थी के साथ दुर्घटना संबंधी कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि पात्र परिवारों को शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ समय पर मिल सके। जिला प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया कि पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

















