LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

इलाज नहीं, इनाम का धंधा! छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों में बीमारी पर ऑफर स्कीम, नियम टूटे और स्वास्थ्य विभाग मौन

इलाज नहीं, इनाम का धंधा! छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों में बीमारी पर ऑफर स्कीम, नियम टूटे और स्वास्थ्य विभाग मौन

रायपुर/छत्तीसगढ़।अब तक आपने सोना-चांदी, फ्लैट, गाड़ी या इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद पर टू-व्हीलर और विदेशी यात्रा जैसे ऑफर सुने होंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ में कुछ निजी अस्पतालों ने इलाज और बीमारी को भी बाजारू ‘ऑफर स्कीम’ में तब्दील कर दिया है। प्रदेश के कई निजी अस्पतालों में हेल्थ चेकअप और इलाज के नाम पर टू-व्हीलर, फॉरेन ट्रिप और अन्य महंगे इनामों का लालच देकर मरीजों को आकर्षित किया जा रहा है।
यह न सिर्फ चिकित्सा नैतिकता का खुला उल्लंघन है, बल्कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की गाइडलाइन और नर्सिंग होम एक्ट के खिलाफ भी माना जा रहा है।
हजारों निजी अस्पताल, सैकड़ों शिकायतें
प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अकेले रायपुर जिले में 150 से अधिक निजी अस्पताल, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में 2000 से ज्यादा निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हैं।
इनमें से कई अस्पतालों के खिलाफ मरीजों को प्रलोभन देकर इलाज कराने, अनावश्यक जांचें लिखने और महंगे पैकेज बेचने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग को अब तक सैकड़ों लिखित शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
इट्सा हॉस्पिटल मामला: नोटिस जारी, कार्रवाई अधर में
ताजा मामला रायपुर के इट्सा हॉस्पिटल से जुड़ा है, जहां हेल्थ चेकअप के साथ टू-व्हीलर और फॉरेन ट्रिप जैसे ऑफर दिए जाने की शिकायत सामने आई।
मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नोटिस जारी किया, लेकिन इसके बाद अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
सूत्रों की मानें तो यह मामला सीधे तौर पर NMC गाइडलाइन और छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन है। नियमों के तहत ऐसे मामलों में सीएमएचओ स्तर से अस्पताल का लाइसेंस निलंबन, पंजीयन रद्द और भारी जुर्माने का प्रावधान मौजूद है, इसके बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सबूत, शिकायतें और नियम मौजूद होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित है।
इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि—
क्या प्रभावशाली निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने से विभाग कतरा रहा है?
या फिर नियम सिर्फ छोटे क्लीनिकों और नर्सिंग होम तक ही सीमित हैं?
स्वास्थ्य विभाग की यह सुस्ती न केवल मरीजों के हितों के खिलाफ है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रही है।
हॉस्पिटल बोर्ड और IMA का सख्त रुख
छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला ने इस तरह की गतिविधियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा—
“इलाज के नाम पर किसी भी प्रकार का प्रलोभन देना पूरी तरह गलत और अनैतिक है। इस पर सख्त गाइडलाइन मौजूद है और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने इसे नर्सिंग होम एक्ट और मेडिकल एथिक्स का खुला उल्लंघन बताया—
“ऐसी गतिविधियां डॉक्टर और मरीज के बीच के विश्वास को तोड़ती हैं। यह चिकित्सा पेशे की गरिमा और नैतिकता के खिलाफ है।”
डॉक्टर संगठनों में नाराजगी
इस मामले को लेकर प्रदेश के विभिन्न डॉक्टर संगठनों और मेडिकल एसोसिएशनों में गहरी नाराजगी है।
संगठनों का कहना है कि—
ऑफर और इनाम देकर इलाज कराना मरीजों को भ्रमित करता है
ईमानदारी से काम करने वाले डॉक्टरों की छवि खराब होती है
चिकित्सा पेशा धीरे-धीरे व्यापार में बदलता जा रहा है
डॉक्टर संगठनों ने मांग की है कि ऐसे अस्पतालों पर उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी बीमारी को ‘सेल ऑफर’ में न बदले।
जनता में आक्रोश, भरोसे पर चोट
इलाज को इनाम और ऑफर से जोड़ने की इस प्रवृत्ति को लेकर आम जनता में भी गहरा आक्रोश है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है,“बीमारी कोई बाजारू सौदा नहीं है, जिसे ऑफर देकर बेचा जाए। जो अस्पताल इलाज को स्कीम बना रहे हैं, उन पर कैसे भरोसा किया जाए?”
सबसे बड़ा सवाल
प्रदेश में निजी अस्पतालों की इस अनैतिक मार्केटिंग ने पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

ये खबर भी पढ़ें…
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
August 12, 2026
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  1. क्या स्वास्थ्य विभाग की भूमिका सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित रहेगी,

या नियम तोड़ने वाले अस्पतालों पर वाकई सख्त और ठोस कार्रवाई होगी?
फिलहाल शिकायतें, बयान और नाराजगी तो बहुत है, लेकिन कार्रवाई नदारद है—और यही चुप्पी जनता और चिकित्सा जगत, दोनों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
August 13, 2026
बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय *मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!