LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

खलनायक बना नायक? अवैध रेत खनन की शिकायत करने वाले ‘गुरुजी’ खुद आरोपों के घेरे में

जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर। कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहली (आश्रित ग्राम लठौरी) से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने ‘रक्षक ही भक्षक’ वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया है। जिस शासकीय शिक्षक को अब तक ग्रामीण अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाला योद्धा समझते थे, वही अब खुद अवैध खनन और परिवहन के गंभीर आरोपों के भंवर में फंस गए हैं। ​इस खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

खलनायक बना रेतमाफियाओ का नायक :- 

ये खबर भी पढ़ें…
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही
September 30, 2026
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर का कड़ा ऐक्शन  कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में शिक्षा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​संबंधित शिक्षक पूर्व में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय मंचों पर रेत माफियाओं के खिलाफ मुखर रहते थे। वे अक्सर प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते थे। लेकिन अब पासा पलट चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक अपने निजी ट्रैक्टर के माध्यम से नदियों का सीना चीरकर अवैध रूप से रेत निकाल रहे हैं।

​“निजी निर्माण” की आड़ में व्यावसायिक खेल :- 

ये खबर भी पढ़ें…
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे
September 30, 2026
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे मरवाही मुख्य...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​जब ग्रामीणों ने इस परिवहन पर आपत्ति जताई, तो शिक्षक का तर्क था कि रेत का उपयोग उनके निजी आवास निर्माण के लिए किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय निवासियों के दावे शिक्षक के बयानों के विपरीत हैं। ग्रामीणों का कहना है। ट्रैक्टरों के जरिए रेत लगातार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में भेजी जा रही है। ​वहां ऊंचे दामों पर रेत की खुलेआम बिक्री की जा रही है। ​दिन-रात हो रहे इस उत्खनन से पर्यावरण और जल स्तर को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। ​”अगर यह केवल निजी उपयोग के लिए होता, तो महीनों तक दिन-रात सैकड़ों फेरे नहीं लगाए जाते। यह विशुद्ध रूप से व्यापार है।” – स्थानीय ग्रामीण

​खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल: “फ्री होंगे तो देखेंगे” :- 

ये खबर भी पढ़ें…
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन
September 30, 2026
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन रायपुर। छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

​मामले की गंभीरता को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने जिला सहायक खनिज अधिकारी, सबीना से संपर्क साधा। लेकिन विभाग का रवैया निराशाजनक रहा। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “अभी हम शिविर में व्यस्त हैं, फ्री होने पर जांच करवाएंगे।” अधिकारियों की इस उदासीनता ने ग्रामीणों के गुस्से में घी डालने का काम किया है। सवाल उठ रहा है कि जब अवैध उत्खनन की स्पष्ट जानकारी दी जा रही है, तो विभाग ‘फुर्सत’ का इंतजार क्यों कर रहा है?

शिक्षक की गरिमा और सामाजिक चिंता :- 

​समाज में शिक्षक का स्थान मार्गदर्शक का होता है। यदि शिक्षा के मंदिर से जुड़ा व्यक्ति ही प्राकृतिक संपदा की लूट में शामिल पाया जाता है, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि नैतिक पतन का भी संकेत है।

Back to top button
error: Content is protected !!