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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बड़ा घोटाला? नवविवाहिताओं ने बताया मंगलसूत्र नकली, प्रमुख सचिव से उच्चस्तरीय जांच की मांग..!

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बड़ा घोटाला? नवविवाहिताओं ने बताया मंगलसूत्र नकली, प्रमुख सचिव से उच्चस्तरीय जांच की मांग..!

एमसीबी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जिले के ग्राम माँ महामाया रतनपुर में 2 फरवरी 2026 को 189 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया था, लेकिन अब कई नवविवाहित महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें योजना के तहत चाँदी के नाम पर गिलट (नकली) मंगलसूत्र थमा दिया गया। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में कई महिलाओं ने खुलकर आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा वितरित मंगलसूत्र असली चाँदी का नहीं है। कुछ हितग्राहियों ने स्थानीय स्वर्णकारों से इसकी जांच भी कराई, जिसमें मंगलसूत्र के चाँदी का न होने की बात सामने आने का दावा किया जा रहा है।

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गरीब बेटियों के सम्मान की योजना पर उठे सवाल…!

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में यदि वास्तव में निम्न गुणवत्ता अथवा नकली सामग्री वितरित की गई है तो यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं बल्कि महिला सम्मान और शासन की मंशा पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह है।

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जांच से पहले खंडन, आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों?

कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस शासनकाल में भी ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली, जहां बिना जांच टीम भेजे, बिना हितग्राहियों के बयान लिए और बिना सामग्री का परीक्षण कराए विभागीय स्तर पर खंडन जारी कर दिया गया हो। उनका कहना है कि 189 बहनों को वितरित मंगलसूत्र को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन जांच कराने के बजाय खबर प्रकाशित होते ही विभाग द्वारा तत्काल खंडन जारी कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ सही है तो निष्पक्ष जांच कराने में आपत्ति क्यों है और जांच से डर किसे है?

पहले भी मिली थी अनियमितताओं की शिकायत..!

गुलाब कमरो ने प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजी शिकायत में उल्लेख किया है कि वर्ष 2024-25 में भी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में खरीदी एवं वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। उस शिकायत पर कलेक्टर एमसीबी द्वारा जांच समिति गठित की गई थी और जांच में कई शिकायतें सही पाई गई थीं। जांच प्रतिवेदन शासन एवं विभागीय कार्यालय को भेजे जाने के बावजूद अब तक दोषियों पर कार्रवाई लंबित बताई जा रही है।

खरीदी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल…!

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लाखों रुपये की सामग्री खरीदी में क्या नियमानुसार निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपनाई गई थी? क्या परियोजना स्तर पर गठित क्रय समिति से अनुमोदन लिया गया था? क्या एसडीएम अध्यक्षता वाली समिति की बैठक हुई थी? इन सभी बिंदुओं पर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि खरीदी से जुड़े सभी बिल, वाउचर, जीएसटी दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और आपूर्तिकर्ता फर्मों की जांच कराई जाए।

केवल मंगलसूत्र नहीं, पूरे आयोजन की जांच की मांग..!

मामला केवल मंगलसूत्र तक सीमित नहीं है। शिकायत में विवाह समारोह में किए गए पंडाल, भोजन, सजावट, ध्वनि व्यवस्था तथा अन्य मदों में हुए खर्च की भी जांच की मांग की गई है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि सरकारी धन का वास्तविक लाभ हितग्राहियों तक पहुंचा या नहीं।

नकली निकला मंगलसूत्र तो कौन होगा जिम्मेदार?”

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि महिलाओं के आरोप सही पाए जाते हैं तो आखिर गरीब बेटियों के लिए खरीदा गया चाँदी का मंगलसूत्र रास्ते में कहां गायब हो गया? क्या खरीदी में गड़बड़ी हुई? क्या गुणवत्ता परीक्षण केवल कागजों में हुआ? और यदि पहले की जांच रिपोर्ट में भी अनियमितताएं सामने आई थीं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग..!

शिकायत में प्रमुख सचिव से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित नवविवाहित महिलाओं को योजना के प्रावधान अनुसार वास्तविक चाँदी के मंगलसूत्र उपलब्ध कराए जाएं। गुलाब कमरो ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाना नहीं बल्कि गरीब परिवारों की बेटियों को उनका वास्तविक अधिकार दिलाना है। उन्होंने मांग की है कि शासन पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लाए, ताकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी जनकल्याणकारी योजना की विश्वसनीयता बनी रहे।

अब देखना यह होगा कि महिला एवं बाल विकास विभाग इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और गरीब बेटियों के सम्मान से जुड़े इस मामले में कब तक सच्चाई सामने आती है।

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