LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

लाखों के कथित घोटाले के बाद भी सचिव-सरपंच पर कार्रवाई लंबित, सुशासन पर उठे गंभीर सवाल

जीशान अंसारी, कोटा/बिलासपुर : ग्राम पंचायत आमागोहन में कथित लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर उठी शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच तो कराई, लेकिन जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के एक सप्ताह बाद भी संबंधित सचिव और सरपंच पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने अब प्रशासनिक संरक्षण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के बाद बनी जांच टीम

ये खबर भी पढ़ें…
मुसियारी स्कूल में कक्षा 3 की बच्ची से कथित मारपीट, कान पकड़कर उठाने का आरोप*
मुसियारी स्कूल में कक्षा 3 की बच्ची से कथित मारपीट, कान पकड़कर उठाने का आरोप*
September 25, 2026
*मुसियारी स्कूल में कक्षा 3 की बच्ची से कथित मारपीट, कान पकड़कर उठाने का आरोप* *जीशान अंसारी की कलम से*...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ग्राम पंचायत आमागोहन में नाली निर्माण, सीसी सड़क, चबूतरा निर्माण और अन्य विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें लगातार विकासखंड से लेकर जिला स्तर तक उठाई गई थीं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि लाखों रुपये की राशि पंचायत मद से निकाल ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य दिखाई नहीं देते।

शिकायतों के बढ़ते दबाव के बाद जनपद पंचायत कोटा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी युवराज सिन्हा द्वारा जांच दल गठित कर मौके पर निरीक्षण के निर्देश दिए गए।

ये खबर भी पढ़ें…
पहले से बना था शौचालय, फिर भी मिली नई स्वीकृति! विभाग ने कसा शिकंजा
पहले से बना था शौचालय, फिर भी मिली नई स्वीकृति! विभाग ने कसा शिकंजा
September 25, 2026
पहले से बना था शौचालय, फिर भी मिली नई स्वीकृति! विभाग ने कसा शिकंजा भ्रामक जानकारी देकर नवीन शौचालय की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

“काम कागजों में, जमीन पर कुछ नहीं”

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन कार्यों के नाम पर भुगतान हुआ, वे अधिकांश सिर्फ कागजों में दर्ज हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार:

ये खबर भी पढ़ें…
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश
September 26, 2026
भारी बारिश के बीच 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश, कलेक्टर विजय दया राम के.ने दिए सख्त निर्देश गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

नाली निर्माण कार्य

पचरी घाट से मुख्य सड़क तक सीसी रोड (वार्ड 08)

वार्ड 07 में चबूतरा निर्माण

वार्ड 06 में नाली निर्माण

वार्ड 03 फॉरेस्ट कॉलोनी में नाली

वार्ड 12 में सड़क निर्माण

इन कार्यों का वास्तविक निर्माण नहीं हुआ, लेकिन भुगतान कर दिया गया।

जांच पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि जांच टीम ने केवल औपचारिकता निभाई। दावा किया जा रहा है कि कई स्थानों पर बिना समुचित भौतिक सत्यापन के पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट सौंप दी गई। इससे जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी अब तक सचिव और सरपंच पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता सामने आई है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?

शिकायतकर्ताओं ने लगाए संरक्षण के आरोप

शिकायतकर्ता राजेश पांडेय और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि संबंधित पंचायत सचिव और सरपंच को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई लंबित है।

उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार के मामलों में केवल जांच का दिखावा किया जाता है।

सुशासन शिविर में भी उठा मुद्दा

यह मामला सुशासन तिहार के दौरान आयोजित विकासखंड स्तरीय शिविर में भी जोर-शोर से उठा। ग्रामीणों ने मंच से ही पंचायतों में भ्रष्टाचार और अधिकारियों के संरक्षण के आरोप लगाए थे। इसके बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए जांच कराई, लेकिन अब कार्रवाई फाइलों में अटकती नजर आ रही है।

सिस्टम पर बड़े सवाल

यह मामला केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक पंचायत में बिना काम के भुगतान संभव है, तो अन्य पंचायतों में स्थिति क्या होगी?

लोगों के सवाल:

क्या इंजीनियर बिना स्थल निरीक्षण के भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं?

जियो टैगिंग और प्रगति रिपोर्ट के बिना राशि कैसे जारी हो रही है?

क्या नीचे से ऊपर तक जवाबदेही कमजोर है?

क्या यह केवल एक मामला है या बड़े पैमाने पर व्यवस्था की समस्या?

उच्चस्तरीय जांच की मांग

ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और शासकीय राशि की वसूली की मांग की है।

अब नजर प्रशासन पर है कि यह मामला सिर्फ जांच रिपोर्ट तक सीमित रहता है या वास्तविक कार्रवाई भी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!