
जिले की तीन प्रमुख नदियों-अरपा, सोन एवं तिपान के पुनरुद्धार के साथ ही जल संरक्षण और वृक्षा रोपण पर परिचर्चा आयोजित
जनजागरुकता और सामुहिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 23 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय के निर्देशों के पालन में जिले की तीन प्रमुख नदियों-अरपा, सोन एवं तिपान के पुनर्जीवन एवं पुनरुद्धार के साथ ही बड़े पैमाने पर वृक्षा रोपण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संवर्धन तथा कचरा प्रबंधन के लिए परिचर्चा आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित परिचर्चा में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा एवं उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, गौरेला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेण्ड्रा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री राकेश जालान, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, वनमण्डला अधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, मीडिया, सामाजिक संगठन, औद्योगिक प्रतिष्ठान, व्यापारिक संघ के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए।
परिचर्चा में नदियों और उनके जल ग्रहण क्षेत्रों को सुरक्षित और साफ-सुथरा रखने के लिए कचरा प्रबंधन के साथ ही वर्षा जल एवं भू-जल संरक्षण, वृक्षा रोपण तथा वृक्षा रोपण के बाद पौधों को जीवित एवं सुरक्षित रखने के लिए जनजागरुकता और सामुहिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही वन क्षेत्रों में हुए अवैध कब्जा हटाने, पेड़ों की अवैध कटाई रोकने, नदियों से जुड़े पर्यटन स्थलों का विकास करने आदि महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। विधायक श्री मरपच्ची नंे वृक्षा रोपण के तहत लगाए गए पौधों की देख-रेख तथा संरक्षण के लिए पंचायतों को जिम्मेदारी के साथ ही बजट भी उपलब्ध कराने सुझाव दिया। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने परिचर्चा में प्राप्त सुझावों एवं विचारों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सामुहिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे तो सफलता जरुर मिलेगी। उन्होंने वृक्षा रोपण के दौरान आगामी दिनों में जिले की जनसंख्या के अनुरुप लगभग तीन लाख पोधे लगाने के लक्ष्य से अवगत कराते हुए कहा कि पौधें वहीं लगाए जाऐंगे, जहां पौधे सुरक्षित रह सके।

परिचर्चा हेतु आयोजित बैठक में कार्यपालन अभियंता जलसंसाधन विभाग ने अरपा, सोन एवं तिपान नदियों के पुनर्जीवन एवं पुनरुद्धार के लिए प्रस्तावित कार्य योजना से प्रस्तुतीकरण के जरिए अवगत कराया। उन्होंने तीनों नदियों के उद्गम स्थलों के चिन्हांकन एवं संरक्षण, जलग्रहण क्षेत्र के विकास, निर्मित, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित अधोसंरचना कार्यों, डीपीआर की प्रगति, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जलभराव क्षमता तथा प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्योग, महिला एवं बाल विकास आदि विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
















