
अगस्त 1026 में कई दिन अनुपस्थिति के बावजूद पूरा वेतन…?
महावीर टांडिया माध्यमिक शाला पोड़ी के शिक्षक पर आरोप, लेखापाल से मिलीभगत की आशंका; CM हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति और वेतन भुगतान व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। विकासखंड मरवाही के महावीर टांडिया माध्यमिक शाला पोड़ी, संकुल पोड़ी से संबंधित एक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षक अगस्त 2026 में कई दिनों तक विद्यालय से अनुपस्थित रहे, इसके बावजूद उन्हें अगस्त माह का पूरा वेतन भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित शिक्षक की अनुपस्थिति संस्था प्रमुख द्वारा दर्ज कर विभागीय स्तर पर भेजे जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद वेतन में कटौती नहीं होने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में वेतन भुगतान प्रक्रिया में लेखापाल से कथित मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
अनुपस्थिति दर्ज होने के बाद भी पूरा वेतन कैसे?

शिकायत में कहा गया है कि संबंधित शिक्षक अगस्त माह में कई दिनों तक विद्यालय में उपस्थित नहीं रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि अनुपस्थिति विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज थी, तो अगस्त माह का पूर्ण वेतन किस आधार पर जारी किया गया।
मामले में अब उपस्थिति पंजी, अवकाश एवं अनुपस्थिति विवरण, वेतन बिल, बिल सत्यापन तथा भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में यह भी स्पष्ट हो सकता है कि संस्था स्तर से भेजी गई उपस्थिति और वेतन बिल में किसी प्रकार का अंतर था या नहीं।

जांच के घेरे में वेतन बिल तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया
शिकायत के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि संबंधित शिक्षक का वेतन बिल किसने तैयार किया, उसका सत्यापन किस स्तर पर हुआ और अनुपस्थित दिनों के संबंध में क्या कार्रवाई की गई। शिकायत में लगाए गए लेखापाल से मिलीभगत के आरोपों की सत्यता भी विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CM हेल्पलाइन में भी शिकायत
मामले को लेकर CM हेल्पलाइन में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध शिकायत संबंधी दस्तावेज के अनुसार 30 सितंबर 2026 को L1 स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी के पदनाम से गतिविधि दर्ज की गई है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में किस स्तर पर जांच कराता है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
शासकीय लिखे वाहन के इस्तेमाल का भी दावा
मामले से जुड़े सूत्रों ने संबंधित शिक्षक के विद्यालय आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त वाहन पर ‘छत्तीसगढ़ शासन’ लिखा होने की बात कही जा रही है। हालांकि वाहन के शासकीय होने अथवा उसके उपयोग की अनुमति संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि वाहन शासकीय पाया जाता है, तो उसके उपयोग का उद्देश्य और अनुमति भी जांच का विषय हो सकता है।
रिकॉर्ड की जांच से सामने आएगा सच, पूरे मामले में आरोपों की वास्तविकता उपस्थिति रजिस्टर, वेतन बिल, भुगतान रिकॉर्ड, संस्था प्रमुख द्वारा भेजी गई जानकारी और अन्य विभागीय दस्तावेजों की जांच से ही सामने आ सकती है।
सरकारी वेतन सार्वजनिक धन से भुगतान किया जाता है। ऐसे में यदि जांच में अनुपस्थिति के बावजूद नियमों के विपरीत पूर्ण वेतन भुगतान की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ वेतन बिल तैयार करने और सत्यापन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी होगी।
अब सवाल यही है कि जब अनुपस्थिति दर्ज होने की बात कही जा रही है, तो संबंधित शिक्षक को अगस्त माह का पूरा वेतन आखिर किस आधार पर मिला?
सम्बन्धित अधिकारी का पक्ष प्राप्त नहीं हुआ है पक्ष प्राप्त होने पर उन्हें भी प्रकाशित किया जाएगा















