
प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी कार्रवाई: 48 अपात्र हितग्राहियों के नाम आवास स्वीकृति और राशि आहरण का आरोप, 6 के खिलाफ FIR
कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों में कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत तिलकेजा में 48 अपात्र हितग्राहियों, अन्य परिवारों तथा मृतक के नाम पर आवास की किश्त जारी कर राशि आहरण किए जाने की शिकायत की जांच के बाद संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन द्वारा गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने मामले की जांच की। जांच के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की गई।
जांच में इनकी भूमिका का उल्लेख

जिला स्तरीय जांच प्रतिवेदन में विकासखंड समन्वयक आवास, तकनीकी सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आवास मित्र की भूमिका का उल्लेख किया गया। जांच के बाद संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाबों के परीक्षण के बाद संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पांच संविदा अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की गई।
वहीं, ग्राम पंचायत की तत्कालीन पंचायत सचिव नमीता दुबे के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। उन्हें पूर्व में निलंबित किए जाने के साथ विभागीय जांच संस्थित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
आरटीआई कार्यकर्ता जितेन्द्र साहू की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई। जांच में योजना के तहत अपात्र हितग्राहियों के नाम आवास स्वीकृत किए जाने तथा अन्य परिवारों एवं मृतक व्यक्तियों के नाम पर किश्त की राशि जारी कर राशि आहरण किए जाने संबंधी आरोपों की पड़ताल की गई।
जिला पंचायत कार्यालय के पत्र क्रमांक 1/388661/2026/शिका/कोरबा, दिनांक 28 सितंबर 2026 के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
छह नामजद, अन्य के खिलाफ भी अपराध दर्ज
मामले में जिला पंचायत कोरबा के जिला समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आशीष कुमार पिता बंशीलाल, उम्र 32 वर्ष, की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।
रिपोर्ट के अनुसार देवानंद श्रीवास (विकासखंड समन्वयक), अभिषेक चौरसिया (तकनीकी सहायक), ध्रुव कुमार साहू (डाटा एंट्री ऑपरेटर), धनंजय पटेल (कंप्यूटर ऑपरेटर), रामेश्वरी कंवर (आवास मित्र) और नमीता दुबे (पंचायत सचिव) सहित अन्य के खिलाफ गलत मंशा से असंबंधित व्यक्तियों के खातों में राशि हस्तांतरित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मामले में अपराध क्रमांक 0536/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 3(5), 316(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
कार्रवाई से बढ़ी प्रशासनिक सख्ती की चर्चा
प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना में कथित अनियमितताओं पर हुई कार्रवाई के बाद जिले में प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज है। जांच का दायरा आगे बढ़ने पर योजना से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पुलिस विवेचना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में अन्य कौन-कौन लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं और कथित राशि के लेन-देन की पूरी तस्वीर क्या है।















