
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गौरेला में कांग्रेस का विजय मार्च, छात्रों के संघर्ष की जीत बताया
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 25 जुलाई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गौरेला में प्रस्तावित कैंडल मार्च को विजय मार्च में बदल दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के संघर्ष और जनदबाव की जीत बताते हुए रेस्ट हाउस गौरेला से संजय चौक तक विजय जुलूस निकाला। इसके बाद संजय चौक में सत्याग्रह आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गज़मती भानु, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलबीर करसायल एवं अमोल पाठक, पार्षद निलेश साहू, मनीष दुबे, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अनुज ताम्रकार, युवा नेता अमित सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष गज़मती भानु ने कहा कि नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देशभर में छात्रों द्वारा उठाई गई आवाज़ और कांग्रेस के लोकतांत्रिक आंदोलन ने केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की नैतिक जीत बताते हुए कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलबीर करसायल ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह विजय मार्च छात्रों के संघर्ष का सम्मान है। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमोल पाठक ने इसे सच्चाई और जनशक्ति की जीत बताते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
पार्षद निलेश साहू ने कहा कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। वहीं पार्षद मनीष दुबे ने कहा कि देश के युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद की, जिसका परिणाम आज सामने आया है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अनुज ताम्रकार ने कहा कि छात्र लंबे समय से निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे और यह विजय उनकी एकजुटता का परिणाम है। युवा नेता अमित सोनी ने कहा कि जब युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं तो सत्ता को भी निर्णय बदलने पड़ते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक पार्टी छात्रों और युवाओं के हितों की आवाज़ उठाती रहेगी।
> नोट: इस कार्यक्रम में व्यक्त आरोप, दावे और राजनीतिक बयान कांग्रेस नेताओं के हैं।
















