
पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाकर ‘मौत का मैदान’ तैयार—सक्ती के सकराली में अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग का खुलासा
सक्ती |सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत ग्राम सकराली में अवैध राखड़ (फ्लाई ऐश) डंपिंग का बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। पर्यावरण नियमों को दरकिनार कर खुलेआम की जा रही इस लापरवाही ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि स्थानीय पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर की पर्यावरण टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिन्होंने नियमों के पालन की पोल खोल दी।

सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि फ्लाई ऐश डंपिंग स्थल बोरई नदी से महज 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि पर्यावरण मानकों के अनुसार ऐसी डंपिंग कम से कम 500 मीटर दूर होना अनिवार्य है। इस घोर लापरवाही से साफ है कि नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि डंपिंग स्थल पर जरूरी जानकारी दर्शाने वाला कोई साइन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। वहीं राखड़ के परिवहन और निपटान के दौरान वायु एवं जल प्रदूषण को रोकने के लिए भी कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की अवैध डंपिंग से भूमिगत जल के प्रदूषित होने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। साथ ही बारिश के दौरान फ्लाई ऐश के बहकर सीधे नदी में मिलने की आशंका है, जिससे जल स्रोतों का दूषित होना तय माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उनके स्वास्थ्य और आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। मौके पर पहुंची पर्यावरण टीम ने पंचनामा तैयार कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदारों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है, या यह मामला भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।
















