LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान – मुख्यमंत्री श्री साय

पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला नगर पालिका में एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण संपन्न, विधायक प्रणव मरपच्ची ने दिलाया विकास का संकल्प
गौरेला नगर पालिका में एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण संपन्न, विधायक प्रणव मरपच्ची ने दिलाया विकास का संकल्प
July 25, 2026
गौरेला नगर पालिका में एल्डरमैनों का शपथ ग्रहण संपन्न, विधायक प्रणव मरपच्ची ने दिलाया विकास का संकल्प गौरेला-पेंड्रा।नगर पालिका परिषद...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रायपुर 25 अक्टूबर 2025/पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

ये खबर भी पढ़ें…
तीसरे दिन भी झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई जारी, BMO ने गांव-गांव पहुंचकर की छापेमारी, पुलिस से मांगा सहयोग
तीसरे दिन भी झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई जारी, BMO ने गांव-गांव पहुंचकर की छापेमारी, पुलिस से मांगा सहयोग
July 25, 2026
तीसरे दिन भी झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई जारी, BMO ने गांव-गांव पहुंचकर की छापेमारी, पुलिस से मांगा सहयोग जीशान अंसारी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।

ये खबर भी पढ़ें…
महिला व्याख्याता को आपत्तिजनक व्हाट्सएप, मूल्यांकन कार्य में भी डाला व्यवधान! निलंबित शिक्षक पर कार्रवाई, वेतन वृद्धि रोकी
महिला व्याख्याता को आपत्तिजनक व्हाट्सएप, मूल्यांकन कार्य में भी डाला व्यवधान! निलंबित शिक्षक पर कार्रवाई, वेतन वृद्धि रोकी
July 25, 2026
महिला व्याख्याता को आपत्तिजनक व्हाट्सएप, मूल्यांकन कार्य में भी डाला व्यवधान! निलंबित शिक्षक पर कार्रवाई, वेतन वृद्धि रोकी जवाब नहीं...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Back to top button
error: Content is protected !!