LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

CGPSC पेपर लीक के मास्टरमाइंड को हाईकोर्ट का बड़ा झटका! कोर्ट बोला— “हत्या से भी बड़ा अपराध है पेपर लीक”, जमानत खारिज

CGPSC पेपर लीक के मास्टरमाइंड को हाईकोर्ट का बड़ा झटका! कोर्ट बोला— “हत्या से भी बड़ा अपराध है पेपर लीक”, जमानत खारिज

पूर्व सचिव एवं रिटायर्ड IAS जीवन किशोर ध्रुव को राहत नहीं, बेटे को प्रश्नपत्र पहुंचाने का आरोप; कोर्ट की सख्त टिप्पणी से मचा हड़कंप।

ये खबर भी पढ़ें…
नशामुक्त भारत और विकसित भारत का संकल्प, पेंड्रा में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
नशामुक्त भारत और विकसित भारत का संकल्प, पेंड्रा में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा
August 6, 2026
नशामुक्त भारत और विकसित भारत का संकल्प, पेंड्रा में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा पेंड्रा (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), 5 अगस्त। माननीय प्रधानमंत्री के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बिलासपुर, 6 अगस्त 2026।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 मुख्य परीक्षा के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि “प्रश्नपत्र लीक करना हत्या से भी बड़ा अपराध है, क्योंकि इससे लाखों युवाओं का भविष्य, उनका विश्वास और पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित होती है।” अदालत ने स्पष्ट कहा कि हत्या से एक परिवार प्रभावित होता है, जबकि पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरे समाज, प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर चोट पहुंचाती हैं। इसलिए ऐसे मामलों को सामान्य अपराध मानकर नहीं देखा जा सकता।

बेटे को प्रश्नपत्र पहुंचाने का गंभीर आरोप

ये खबर भी पढ़ें…
लगातार शिकायतों के बाद सचिव हटे, लेकिन क्या सिर्फ ट्रांसफर से दब जाएगा लाखों की कथित गड़बड़ी का मामला?
लगातार शिकायतों के बाद सचिव हटे, लेकिन क्या सिर्फ ट्रांसफर से दब जाएगा लाखों की कथित गड़बड़ी का मामला?
August 6, 2026
लगातार शिकायतों के बाद सचिव हटे, लेकिन क्या सिर्फ ट्रांसफर से दब जाएगा लाखों की कथित गड़बड़ी का मामला? आमागोहन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सीबीआई जांच के अनुसार, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए CGPSC-2021 मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र अपने बेटे सुमित ध्रुव तक पहुंचाए। आरोप है कि इसी कथित लाभ के आधार पर सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।

छापे में मिले अहम दस्तावेज

ये खबर भी पढ़ें…
गौरेला पेंड्रा मरवाही – कार्रवाई हुई या सिर्फ खानापूर्ति? आरोपों से घिरे BPM की वापसी ने खोली स्वास्थ विभाग की पोल”
गौरेला पेंड्रा मरवाही – कार्रवाई हुई या सिर्फ खानापूर्ति? आरोपों से घिरे BPM की वापसी ने खोली स्वास्थ विभाग की पोल”
August 6, 2026
आरोपों से घिरे बीपीएम अरविंद सोनी की फिर पेंड्रा वापसी! आखिर किसके संरक्षण में हुआ आदेश? कैमरे के सामने सवालों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सीबीआई द्वारा भिलाई स्थित आवास पर की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और प्रश्न-उत्तर बुकलेट बरामद की गईं। जांच में पेपर-7 (सामान्य अध्ययन) के 47 में से 42 प्रश्न वही पाए गए, जो आरोपी के घर से जब्त दस्तावेजों में पहले से मौजूद थे। जांच एजेंसी ने इसे मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।

बचाव पक्ष की दलीलें भी नहीं आईं काम

बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि जीवन किशोर ध्रुव ने पहले ही आयोग को अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी दे दी थी और वे परीक्षा की गोपनीय प्रक्रिया से स्वयं को अलग कर चुके थे। यह भी दलील दी गई कि वे 18 सितंबर 2025 से जेल में हैं, सेवानिवृत्त अधिकारी हैं तथा सह-आरोपी को राहत मिल चुकी है। लेकिन हाईकोर्ट इन तर्कों से संतुष्ट नहीं हुआ और जमानत देने से साफ इनकार कर दिया।

‘बाड़ ही खेत को खाने लगे’

अपने आदेश में हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों पर परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, यदि वही प्रश्नपत्र लीक करने में शामिल हों तो यह “बाड़ ही खेत को खाने” जैसी स्थिति है। अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल एक परीक्षा को नहीं, बल्कि लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के सपनों, निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं पर जनता के भरोसे को भी गहरा नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में कठोर दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!