भूमसेनी पूजा पर ऐतिहासिक फैसला: देवरगांव बिट्टटोला में शराब पीने पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना, समाज ने ली नशामुक्ति की शपथ

युवा प्रभाग सर्व आदिवासी समाज की पहल, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मठ बाबा परिसर देवरगांव बिट्टटोला में आयोजित भूमसेनी पूजा के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज और ग्रामवासियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा संकल्प लिया है। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि अब से गांव और सामाजिक भंडारे में शराब के उपयोग व सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला सचिव राजकुमार धुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। निर्णय के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सामाजिक नियमों का उल्लंघन कर शराब पीते हुए पाया जाता है, तो उस पर ₹10,000 का सामाजिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा। इसके बाद भी यदि कोई सुधार नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी उसकी स्वयं की होगी।

आने वाली पीढ़ी को संस्कार देने का प्रयास :-
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल शराबबंदी तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी को सही सोच, सकारात्मक दिशा और अच्छे संस्कार देना है। समाज को एकजुट रखना, युवाओं को शिक्षा से जोड़ना, नशे की गर्त से बाहर निकालना और संगठन को मजबूत करना ही इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य लक्ष्य है।
वरिष्ठ जन और युवाओं की रही गरिमामयी उपस्थिति :-
इस महत्वपूर्ण सामाजिक निर्णय के दौरान नरपाल सिंह धुर्वे, अमृत धुर्वे, सुकलाल, महादेव धुर्वे, सरपंच पुरान धुर्वे, तीरथ, भगतराम, नीलम पोर्ते, आनंद पोटाम, कृपाल पोर्ते, परसोत्तम, बजरंग सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, युवा और ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।














