LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

कागज़ों का खेल, सरकारी वेतन की लूट: व्याख्याता को मिला फर्जी दस्तावेज से नौकरी, दस्तावेज बता रहा है, सिस्टम की मेहरबानी से फलता रहा फर्जीवाड़ा,

कागज़ों का खेल, सरकारी वेतन की लूट: व्याख्याता को मिला फर्जी दस्तावेज से नौकरी, दस्तावेज बता रहा है, सिस्टम की मेहरबानी से फलता रहा फर्जीवाड़ा,

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विकासखंड गौरेला अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल सधवानी में पदस्थ व्याख्याता श्रीनिवास पाण्डेय पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि संगठित धोखाधड़ी, शासकीय धन के दुरुपयोग और शिक्षा व्यवस्था के साथ विश्वासघात का बनता है।
आरोप है कि संबंधित व्याख्याता ने हाई स्कूल सहित अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में कूटरचना कर वर्षों से शासन को गुमराह किया और उसी आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्ति प्राप्त की। सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध दस्तावेजों के सहारे न केवल नौकरी हासिल की गई, बल्कि वर्षों तक सरकारी खजाने से नियमित वेतन भी आहरित किया जाता रहा।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस व्यक्ति के कंधों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी थी, उसी पर शिक्षा व्यवस्था को ठगने के आरोप लग रहे हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। क्या नियुक्ति के समय प्रमाण पत्रों का सत्यापन केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गया था? या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं?
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह मामला वर्षों से किसी न किसी रूप में अधिकारियों के संज्ञान में रहा, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या संबंधित व्याख्याता को विभागीय संरक्षण प्राप्त था? और यदि ऐसा है, तो जिम्मेदार अधिकारी भी इस पूरे मामले में जवाबदेही से नहीं बच सकते। जांच का दायरा केवल एक शिक्षक तक सीमित रखने के बजाय उन सभी अधिकारियों तक बढ़ाया जाना चाहिए, जिनकी भूमिका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संदिग्ध रही हो।

ये खबर भी पढ़ें…
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप
August 8, 2026
फर्जी डिग्री के सहारे झोलाछाप इलाज? नोटिस और शपथपत्र के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रैक्टिस जारी होने का आरोप...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह प्रकरण केवल सेवा नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि संभावित आपराधिक कृत्य का भी है। यदि फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि होती है, तो यह शासकीय धन की लूट की श्रेणी में आएगा, जिसमें कठोर दंडात्मक कार्रवाई आवश्यक है।

अब सवाल यह नहीं है कि आरोप लगे हैं, बल्कि सवाल यह है कि कार्रवाई कब होगी? शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित व्याख्याता को सेवा से बर्खास्त करते हुए वेतन की वसूली तथा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

ये खबर भी पढ़ें…
बेटियों की शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बढ़ाएं भागीदारी- मुकेश दुबे
बेटियों की शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बढ़ाएं भागीदारी- मुकेश दुबे
August 8, 2026
प्री मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में पालक-बालिका सम्मेलन आयोजित,अतिथियों ने छात्राओं को स्कूल बैग और खेल सामग्री वितरित की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले फर्जीवाड़े और सिस्टम के भीतर पनप रहे षड्यंत्र के खिलाफ है। यदि शासन और प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे रहते हैं, तो यह चुप्पी भी अपराध मानी जाएगी—और उसका खामियाजा पूरे शिक्षा तंत्र को भुगतना पड़ेगा।

ये खबर भी पढ़ें…
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा! सड़क किनारे मिली लाखों की दवाइयां,
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा! सड़क किनारे मिली लाखों की दवाइयां,
August 8, 2026
BPM अरविंद सोनी की वापसी पर उठे सवालों की चर्चा थमी भी नहीं थी कि सामने आया स्वास्थ्य विभाग का...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Back to top button
error: Content is protected !!