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आरोपों से घिरे BPM की ‘शाही’ वापसी! बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का वीडियो चर्चा में, स्वास्थ्य विभाग फिर सवालों के घेरे में, CMHO कैमरे के सामने सवालों से बचते नजर आए

आरोपों से घिरे BPM की ‘शाही’ वापसी! बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का वीडियो चर्चा में, स्वास्थ्य विभाग फिर सवालों के घेरे में, CMHO कैमरे के सामने सवालों से बचते नजर आए

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संविदा पर पदस्थ विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) अरविंद सोनी एक बार फिर आरोपों से घिरे हैं। वर्ष 2023 में शिकायतों, कथित लेन-देन के वायरल वीडियो और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पेंड्रा से मरवाही भेजे गए थे जिसके बाद पुनः,अरविंद सोनी को 31 जुलाई 2026 के आदेश से पुनः उनके मूल पदस्थापना स्थल विकासखंड पेंड्रा में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। इस आदेश ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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दस्तावेजों के अनुसार, 21 जून 2023 को तत्कालीन आदेश के तहत अरविंद सोनी को पेंड्रा से हटाकर मरवाही भेजा गया था। उसी आदेश में पेंड्रा में BPM का पद रिक्त होने पर राजेश जायसवाल को आगामी आदेश तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। यह आदेश जिला कलेक्टर के अनुमोदन से जारी हुआ था।

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इसके बाद 31 जुलाई 2026 को पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए अरविंद सोनी को पुनः उनके मूल पदस्थापना स्थल पेंड्रा में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए गए।

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बैंड-बाजे के साथ ज्वाइनिंग का आरोप

सूत्रों के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को अरविंद सोनी जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेंड्रा में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे, तो कथित रूप से बैंड-बाजे के साथ कार्यालय परिसर में पहुंचे। इस घटना का वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि सरकारी कार्यालय परिसर में बिना सक्षम अनुमति इस प्रकार का आयोजन किया गया, जिससे शासकीय अनुशासन और कार्यालय की गरिमा पर सवाल उठे हैं।

BMO ने कही जांच की बात

 

इस मामले में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. मिंज ने बताया कि बैंड-बाजे के साथ कार्यालय परिसर में पहुंचने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले में यह जांच की जाएगी कि आयोजन में कौन-कौन शामिल थे।यह कृत्य करने का मेरे द्वारा कोई अनुमति नहीं दिया गया है, जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

CMHO कैमरे पर जवाब देने से बचे ,

जब इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) रामेश्वर शर्मा, कैमरे के सामने विस्तृत जवाब देने से बचते नजर आए। इससे इस निर्णय और पूरे घटनाक्रम को लेकर विभाग पर उठ रहे सवाल और तेज हो गए हैं।

अरविंद सोनी ने क्या कहा? जब इस संबंध में अरविंद सोनी से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने कहा, “कौन बैंड बजाया है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।” उन्होंने बैंड-बाजे के आयोजन में अपनी भूमिका से इनकार किया।

अब उठ रहे हैं बड़े सवाल

– जिस BPM अरविंद सोनी को वर्ष 2023 में विवादों और शिकायतों के बाद हटाया गया था, उसे दोबारा उसी स्थान पर किस आधार पर पदस्थ किया गया? क्या पूर्व में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और जारी चेतावनी का अब कोई महत्व नहीं रह गया?  सरकारी कार्यालय परिसर में बैंड-बाजे के साथ प्रवेश की अनुमति किसने दी?  यदि आयोजन बिना अनुमति हुआ, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? – क्या स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा? फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि वे इस पूरे घटनाक्रम पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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