नियमों की दुहाई देने वाले प्राचार्य पर सवाल” — स्कूल में लटका ताला, पूरक परीक्षा फार्म भरने पहुंचे छात्र परेशान

“नियमों की दुहाई देने वाले प्राचार्य पर सवाल” — स्कूल में लटका ताला, पूरक परीक्षा फार्म भरने पहुंचे छात्र परेशान
गौरेला पेंड्रा मरवाही।एक ओर शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने और परीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के पकरिया विद्यालय से सामने आई तस्वीरों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विद्यालय में ताला लटका होने के कारण पूरक एवं अवसर परीक्षा के फार्म भरने पहुंचे छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र से कई किलोमीटर का सफर तय कर विद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथियां नजदीक हैं, तब जिम्मेदार प्राचार्य राम किशोर साहू विद्यालय से नदारद क्यों रहे? विद्यार्थियों और अभिभावकों का आरोप है कि प्राचार्य हमेशा नियमों और अनुशासन की दुहाई देते हैं, लेकिन जब छात्रों के भविष्य की बात आती है तो वही नियम और जिम्मेदारियां गायब हो जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी कई पूर्व विद्यार्थियों को कथित रूप से नियमों का हवाला देकर परीक्षा प्रक्रिया से वंचित किया गया था। उस समय भी छात्रों ने आरोप लगाया था कि मामूली कारण बताकर उन्हें फार्म जमा करने या परीक्षा में शामिल होने से रोका गया। अब एक बार फिर विद्यालय में ताला लटका मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

विद्यार्थियों का कहना है कि दूर-दराज ग्रामीण इलाकों से आने में समय और पैसा दोनों खर्च होता है। कई छात्र मजदूर और किसान परिवारों से आते हैं, जिनके लिए बार-बार विद्यालय के चक्कर लगाना आसान नहीं है। इसके बावजूद यदि विद्यालय बंद मिले और कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद न हो, तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर परीक्षा फार्म जमा नहीं हो पाए और विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हुए, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की होगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर छात्रों की परेशानियां केवल शिकायतों तक ही सीमित रह जाएंगी।















