
230 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ भव्य सम्मान, जिला साहित्य कला विरासत मंच ने चौथे वर्ष भी कायम रखी प्रतिभा सम्मान की परंपरा
पेंड्रा, 8 जून। जिले की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से जिला साहित्य कला विरासत मंच के तत्वावधान में जिला स्तरीय विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन 7 जून को स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, पेंड्रा के सभागार में किया गया। लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह में इस वर्ष कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 230 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच द्वारा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल अब जिले की एक प्रेरणादायक परंपरा बन चुकी है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है
इस अवसर पर अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए और करियर, शिक्षा तथा जीवन में सफलता के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। डॉ. देवेन्द्र पैकरा, आईएफएस अधिकारी आंचल कर, एसडीएम राजेंद्र वासुदेव, वैज्ञानिक (पर्यावरण विभाग) जितेंद्र वासुदेव तथा अन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।वक्ताओं ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में जिले, प्रदेश और देश का भविष्य तय करेंगे। ऐसे सम्मान समारोह न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हैं, बल्कि अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम की सफलता में जिला साहित्य कला विरासत मंच के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।सहित मंच के अन्य सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। लगभग 500 लोगों की उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन जिले के बच्चों के लिए प्रेरणा, उत्साह और सम्मान का एक यादगार अवसर बन गया। जिला साहित्य कला विरासत मंच की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को पहचान देने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।















