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खांडा ग्राम पंचायत में अवैध ईंट भट्ठों का खेल, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

खांडा ग्राम पंचायत में अवैध ईंट भट्ठों का खेल, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

कोरिया। जिले के बैकुण्ठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत खांडा में राष्ट्रीय राजमार्ग–43 से सटकर अवैध ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि बिना आवश्यक दस्तावेज और अनुमति के संचालित इन भट्ठों पर खनिज विभाग की कथित मौन स्वीकृति कहीं न कहीं “मलाई–मिठाई” के खेल की ओर इशारा कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ संचालकों ने चिमनी ईंट भट्ठा स्थापित करने की अनुमति तो ली है, लेकिन जमीनी हकीकत में वे नियमों को ताक पर रखकर बांग्ला ईंट भट्ठा चला रहे हैं। यह सीधे तौर पर अनुमति की शर्तों का उल्लंघन है। इसके बावजूद खनिज विभाग एवं संबंधित अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
ईंट भट्ठा संचालन के लिए छत्तीसगढ़ ईंट भट्ठा (स्थापना एवं विनियमन) नियम, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) की धारा 4 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत वैध अनुमति अनिवार्य है। बिना खनिज अनुज्ञा के मिट्टी का उत्खनन करना धारा 21 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
इतना ही नहीं, श्रमिकों के लिए ईंट भट्ठा श्रमिक (रोजगार एवं सेवा शर्तें) अधिनियम तथा श्रमिक पंजीयन नियम स्पष्ट रूप से लागू होते हैं। नियमों के अनुसार प्रत्येक भट्ठे में श्रमिकों का पंजीयन, 24 घंटे चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित आवास, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य है। खांडा क्षेत्र में संचालित भट्ठों में इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। न तो श्रमिक पंजीकृत हैं और न ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह गंभीर मामला है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के ईंट भट्ठा संचालन अपराध है। बांग्ला भट्ठों से निकलने वाला धुआं व राख आसपास के खेतों, पेड़ों और आबादी को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी हो रही है, तो जिला प्रशासन और खनिज विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर मिलीभगत? स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध ईंट भट्ठों की तत्काल जांच कर MMDR Act, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके और मजदूरों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।

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