
दिल्ली के राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की बड़ी जिम्मेदारी: पीएम के सामने ‘कैच द रेन’ का सार रखेंगे मुख्यमंत्री साय
नई दिल्ली/रायपुर। राष्ट्रीय जल नीति और जल संरक्षण के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन में ‘जल संचय जन भागीदारी—कैच द रेन’ विषय पर राष्ट्रीय सत्र की समापन प्रस्तुति छत्तीसगढ़ करेगा। इसके बाद समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देशभर के राज्यों के अनुभव, सुझाव और जल संरक्षण के मॉडल पर हुए मंथन का सार प्रस्तुत करेंगे।

सम्मेलन के दूसरे दिन राष्ट्रीय सत्र में मुख्यमंत्री द्वारा नामित उप मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की ओर से 30 मिनट की समापन प्रस्तुति देंगे। इसमें प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर विकसित कार्य-संस्कृति, नवाचार और जनभागीदारी के सफल मॉडल देश के सामने रखे जाएंगे। खास तौर पर कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ और ‘मोर गांव मोर पानी’ जैसी पहलें प्रस्तुति का हिस्सा होंगी।
‘कैच द रेन’ अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जल जहां गिरे, जब गिरे—वहीं संचित करें” के आह्वान से शुरू हुआ था। जनभागीदारी के इस अभियान में छत्तीसगढ़ अब अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। जल संचय जनभागीदारी अभियान के दूसरे चरण में प्रदेश में 24 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं दर्ज की गई हैं।

कोरिया जिले से शुरू हुआ छत्तीसगढ़ का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ भी राष्ट्रीय मंच पर खास चर्चा में रहेगा। इस मॉडल में किसान अपनी जमीन का पांच प्रतिशत हिस्सा जल पुनर्भरण संरचनाओं के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध कराते हैं। वहीं, ‘मोर गांव मोर पानी’ जैसे अभियानों ने गांवों में जल संरक्षण को सीधे जनभागीदारी से जोड़ा है।
सम्मेलन में जल अवसंरचना परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भी राज्यों के अनुभव साझा होंगे।

दिलचस्प यह है कि छत्तीसगढ़ इस मंच पर केवल अपनी उपलब्धियां गिनाने नहीं जा रहा। राज्य को ‘कैच द रेन’ जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान पर देशभर के राज्यों के अनुभवों और मंथन को समेटकर उसका निष्कर्ष प्रधानमंत्री के सामने रखने की जिम्मेदारी मिली है। यानी दिल्ली के जल मंच पर छत्तीसगढ़ की भूमिका इस बार प्रस्तुति देने वाले राज्य से कहीं आगे, राष्ट्रीय विमर्श को समेटने वाले राज्य की होगी।















