
बड़ी खबर: ग्राम पंचायत आमागोहन में ₹5.97 लाख की वित्तीय अनियमितता का मामला, पूर्व सरपंच-सचिव से वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित
जांच प्रतिवेदन में बिना कार्य कराए राशि आहरण करने की बात सामने आई

जीशान अंसारी की रिपोर्ट, कोटा/बिलासपुर। ग्राम पंचायत आमागोहन में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत कोटा की शिकायत शाखा द्वारा जारी जांच प्रतिवेदन में ₹5,97,500 की राशि बिना कार्य कराए आहरण किए जाने की बात सामने आने के बाद तत्कालीन सरपंच हेमसिंह कंवर एवं ग्राम पंचायत सचिव राजेश कुमार उइके के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
दस्तावेज के अनुसार मामला 15वें वित्त आयोग की राशि से जुड़े कार्यों का है। शिकायत के आधार पर गठित जांच दल ने 11 मई 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जांच में ग्राम पंचायत आमागोहन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान नाली निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के लिए राशि आहरित किए जाने का उल्लेख पाया गया।

नाली निर्माण के नाम पर राशि खर्च, मौके पर कार्य नहीं मिला
जांच प्रतिवेदन में दर्ज जानकारी के अनुसार नाली निर्माण के लिए ₹2 लाख, पुलिया तक नाली निर्माण के लिए ₹49 हजार, नाली निर्माण सामग्री क्रय के लिए ₹49,500, फॉरेस्ट कॉलोनी में नाली निर्माण के लिए ₹49,500 तथा नाली निर्माण सामग्री के लिए ₹49,500 जैसी राशियों का भुगतान किया गया।
जांच दल द्वारा मौके पर निरीक्षण के दौरान संबंधित नाली निर्माण कार्य नहीं पाए जाने की बात प्रतिवेदन में दर्ज की गई है। साथ ही जांच के दौरान कार्यों की प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति एवं नस्ती फाइल प्रस्तुत नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब

प्रतिवेदन के मुताबिक तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन निर्धारित समय तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में बिना कार्य कराए ₹5,97,500 का व्यय एवं भुगतान किया जाना प्रथम दृष्टया स्पष्ट बताया है।
कार्रवाई के लिए जिला पंचायत को भेजा प्रस्ताव
मामले में जनपद पंचायत कोटा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें तत्कालीन सरपंच हेमसिंह कंवर एवं सचिव राजेश कुमार उइके के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत ₹5,97,500 की वसूली की कार्रवाई करने तथा प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
शिकायत सीएम हेल्पलाइन 1076 से संबंधित दस्तावेज में भी जिसमें शिकायतकर्ता का नाम भी है
आमागोहन, जनपद पंचायत कोटा का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता ने पंचायत निधि एवं विकास कार्यों में अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला पंचायत स्तर से इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है और कथित तौर पर आहरित ₹5.97 लाख की राशि की वसूली कब तक होती है।















