खाद गबन पर सरकार का बड़ा प्रहार: मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर शाखा प्रबंधक सस्पेंड, सुशासन तिहार में भ्रष्टाचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

खाद गबन पर सरकार का बड़ा प्रहार: मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर शाखा प्रबंधक सस्पेंड, सुशासन तिहार में भ्रष्टाचारियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
रायपुर, 21 मई 2026।प्रदेश में सुशासन और जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का सख्त तेवर लगातार देखने को मिल रहा है। सुशासन तिहार 2026 के दौरान सामने आई खाद गबन की गंभीर शिकायत पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

कोरिया जिले की जिल्दा समिति खड़गंवा में खाद वितरण में भारी अनियमितता और गबन की शिकायतें सामने आने के बाद पूरे मामले की समीक्षा की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई करने में गंभीर लापरवाही बरती और मामले को दबाने का प्रयास किया। शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सहायक लेखापाल एवं प्रभारी शाखा प्रबंधक कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है।

सुशासन तिहार के दौरान लगातार सामने आ रही शिकायतों पर जिस तेजी से कार्रवाई हो रही है, उससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, गबन और प्रशासनिक लापरवाही पर किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार अधिकारियों को साफ संदेश दे रहे हैं कि जनता के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब शिकायतों को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि दोषियों पर सीधे कार्रवाई हो रही है। खाद वितरण जैसे संवेदनशील मामले में हुई गड़बड़ी पर त्वरित निलंबन को सरकार की बड़ी प्रशासनिक सख्ती माना जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का अभियान बन चुका है। अब भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का डंडा लगातार चलता दिखाई दे रहा है।















