
खनिज विभाग एक्शन मोड में, 01 जेसीबी समेत 05 ट्रैक्टर ज़ब्त
कलेक्टर के निर्देश पर लगातार कार्रवाई, खनिज माफियाओं में हड़कंप… लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम!
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में अवैध रेत, मुरुम और गिट्टी के कारोबार पर अब खनिज विभाग लगातार कार्रवाई करता नजर आ रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा सिवनी, लखनघाट, चीचगोहना और गुल्लीडांड क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन करते पाए जाने पर 03 ट्रैक्टर रेत, 01 ट्रैक्टर गिट्टी, 01 ट्रैक्टर मुरुम एवं 01 जेसीबी मशीन ज़ब्त की गई। जब्त वाहनों को मरवाही एवं सिवनी थाने में सुरक्षार्थ रखा गया है। सभी वाहनों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(1), 21(5) एवं 23(क) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

लगातार हो रही कार्रवाई से खनिज माफियाओं में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध रेत कारोबार पर पहले सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई क्षेत्रों में शाम ढलते ही रेत से भरे ट्रैक्टर और हाइवा खुलेआम सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं। रातभर नदी-नालों से रेत निकालने और परिवहन का खेल चलता है, जिसकी जानकारी स्थानीय माइनिंग विभाग को है, लेकिन उन पर कार्यवाही शून्य….!

नदी की अंशु, इसके बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर जब अवैध परिवहन खुलेआम सड़कों पर दिखाई देता है, तब नियमित जांच और रोकथाम क्यों नहीं हो पाती? क्या कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, या फिर बड़े नेटवर्क तक पहुंचने से बचा जा रहा है?
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई मार्गों पर प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर और हाइवा अवैध रेत परिवहन करते नजर आते हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई बहुत कम दिखाई देती है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन केवल छोटी ज़ब्ती तक सीमित रहेगा या फिर अवैध खनिज कारोबार के पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई होगी।











