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कोटमी खुर्द स्कूल में एक महीने से शिक्षक नदारद, अधिकारी सिर्फ कागज़ों में निरीक्षण करते रहे ! शिक्षक अनुपस्थित, सिस्टम मौन  !   

कोटमी खुर्द स्कूल में एक महीने से शिक्षक नदारद, अधिकारी सिर्फ कागज़ों में निरीक्षण करते रहे ! शिक्षक अनुपस्थित, सिस्टम मौन  !

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।जिले के विकासखंड गौरेला अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोटमी खुर्द में पदस्थ शिक्षक पन्ना लाल देवगन पिछले एक माह से लगातार अनुपस्थित बताए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्कूल के अभिलेखों में उनकी अनुपस्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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शिक्षक की यह अनुपस्थिति एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पूरे एक माह की है, फिर भी उच्च अधिकारियों को समय रहते जानकारी नहीं होना विभागीय निगरानी व्यवस्था और निरीक्षण प्रणाली की गंभीर खामी को उजागर करता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब अनुपस्थिति दर्ज थी, तो फिर मासिक समीक्षा और निरीक्षण आखिर किस आधार पर किए जा रहे थे?

जहां एक ओर शिक्षा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बड़े-बड़े दावे करता नहीं थकता, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में शिक्षक नदारद हैं और बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक के स्कूल न आने से कक्षाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचने की जरूरत तक नहीं समझी।

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विभाग पर बड़े सवाल !

जब अनुपस्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज थी, तो विभाग को समय रहते जानकारी क्यों नहीं मिली?

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यदि जानकारी नहीं थी, तो मासिक समीक्षा और निरीक्षण की प्रक्रिया किस काम की?

और यदि जानकारी थी, तो फिर एक माह तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की लिखित जानकारी उच्च अधिकारियों को अवगत कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी सहित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर और भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अब आमजन यह पूछने को मजबूर हैं कि यह मामला केवल प्रशासनिक उदासीनता का है या फिर इसके पीछे अंदरखाने मौन सहमति और लापरवाही का गठजोड़ काम कर रहा है।

फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामला सार्वजनिक होने के बाद शिक्षा विभाग निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है, या फिर यह प्रकरण भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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