
विश्व पर्यावरण दिवस पर कृषि महाविद्यालय में हरित संकल्प, पौधरोपण व प्रतियोगिताओं से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बैकुंठपुर। स्वर्गीय डॉ. रामचन्द्र सिंहदेव कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कोरिया में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. डी.के. गुप्ता के मार्गदर्शन एवं प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. श्रवण यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें जनभागीदारी समिति अध्यक्ष एवं कृषि महाविद्यालय प्रतिनिधि भानु पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुई। इस दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने आम, अमरूद, कटहल, आंवला और नींबू सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित भविष्य का संदेश दिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत विकास के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही भारत सरकार के 1 जून से 30 जून तक चलने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ की जानकारी देते हुए मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं जैविक रोग-व्याधि नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य जैविक आदानों के उपयोग की उपयोगिता भी बताई गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत रंगोली, पोस्टर, निबंध एवं गमला सजाओ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रंगोली प्रतियोगिता में मुस्कान प्रथम, मनीषा सिंह द्वितीय एवं प्राची सिंह तृतीय रहीं। पोस्टर प्रतियोगिता में परवाज़ शाहनवाज़ ने प्रथम, रितेश कुमार ने द्वितीय तथा रोहन कुमार साहनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में साक्षी राजवाड़े प्रथम, अनूपा तिर्की द्वितीय एवं अंजुलता धनराज तृतीय रहीं, जबकि गमला सजाओ प्रतियोगिता में याग्नी सिंह विजेता बनीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि भानु पाल ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राहुल आर्य ने मंच संचालन एवं आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इससे पूर्व महाविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों में गाजरघास उन्मूलन, प्लास्टिक हटाओ एवं स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प के साथ हुआ।















