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स्मार्ट मीटर लगाने से अच्छा होता साहब स्मार्ट शिक्षकों की व्यवस्था करते,जैसे स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता परेशान है वहीं शिक्षकों के ना आने से बच्चे परेशान है 

“स्मार्ट मीटर लगाने से अच्छा होता साहब स्मार्ट शिक्षकों की व्यवस्था करते,जैसे स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता परेशान है वहीं शिक्षकों के ना आने से बच्चे परेशान है

शिक्षकों की लापरवाही से वनांचल के बच्चों की पढ़ाई चौपट – समय पर नहीं पहुंच रहे शिक्षक, निलंबन की मांग….!!

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जिला ब्यूरो जीशान अंसारी की रिपोर्ट

बिलासपुर। जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला घोबघट संकुल केंद्र छतौना में शिक्षकों की मनमानी लगातार सामने आ रही है। जब मीडिया की टीम विद्यालय पहुंची तो वहां के शिक्षक बेतूक बयान बाजी कर मीडिया की टीम को बाहर करने की कोशिश कर रहे थे जब मीडिया की टीम ने विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों से सवाल किया कि बच्चे क्यों विद्यालय खोलते हैं तो उनका कहना यह था कि शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष के द्वारा विद्यालय खोला जाता है तो मीडिया की टीम ने उक्त शिक्षक से कहा कि शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष का यही काम है कि वह विद्यालय खोले तो बात को घुमाते हुए शिक्षक ने कहा कि बच्चों के द्वारा विद्यालय का ताला खोला जाता है जब बच्चों की बात मीडिया की टीम ने कहीं क्या यह बात सही है तो इधर-उधर की बात करने लगे तो तत्काल मीडिया की टीम ने खंड शिक्षा अधिकारी से मोबाइल से बात की और वहां उपस्थित शिक्षकों के बर्ताव के बारे में बताया खंड शिक्षा अधिकारी ने उपस्थित शिक्षकों से बात किया और उनसे कहा कि यह बात मीडिया वालों के सामने नहीं बोलनी चाहिए यह बोलना चाहिए की पालक विद्यालय खोलते हैं और उसकी कुछ झलकियां आपस में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुन सकते हैंविद्यालय में समय पर शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि कई बार बिना शिक्षक के ही बच्चे राष्ट्रगान करते नजर आते हैं। यह दृश्य अपने आप में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।

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सरकार शिक्षा को लेकर सजग है और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए प्रयासरत है। बावजूद इसके कोटा , ब्लॉक के क्षेत्र में कई विद्यालयों में शिक्षक समय पर उपस्थिति नहीं दर्ज करा रहे हैं।अधिकांश अध्यापक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

मॉनिटरिंग के अभाव में बढ़ रही लापरवाही

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वनांचल क्षेत्र होने के कारण उच्च अधिकारियों द्वारा यहां सही ढंग से मॉनीटरिंग नहीं की जाती। परिणामस्वरूप शिक्षकों की मनमानी और लापरवाही बढ़ती जा रही है। शिक्षक तो नियमित वेतन प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को उठाना पड़ता है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

लापरवाह शिक्षकों की वजह से वनांचल क्षेत्र के बच्चों का शैक्षणिक विकास प्रभावित हो रहा है। इससे न केवल बच्चों का भविष्य दांव पर है, बल्कि उनमें यह गलत धारणा भी विकसित हो सकती है कि देर से आना या अनुपस्थित रहना स्वीकार्य है। आगे चलकर इसका नकारात्मक असर उनके कार्य-नैतिकता और रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है।

खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र मिश्रा और गुरु जी के बीच मोबाइल पर जो संवाद हुआ है उसकी रिकॉर्डिंग खबरों का राजा के पास सुरक्षित है उनका कहना यह है कि मीडिया को यह नहीं बताना चाहिए कि बच्चे ताला खोलते हैं आप मीडिया को यह बोल दो की पालक आकर विद्यालय का ताला खोलते है अब आप समझदार हैं कि आगे हमको क्या नजारा देखने को मिलेगा

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