LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंट्रेंडिंगप्रदेशराजनीतीरायपुर

भ्रष्टाचार की ‘मखमली’ साड़ी, ​क्या यही है ‘नारी सम्मान’? ऊंची कीमत, घटिया क्वालिटी किसकी जेब में गया गरीबों का पैसा?

 विशेष संवाददाता / रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए साड़ी वितरण योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस कथित घोटाले ने न केवल सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया है, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य व पोषण की जिम्मेदारी उठाने वाली महिलाओं के सम्मान को भी गहरी ठेस पहुंचाई है।

​घटिया साड़ियां, बिलों में भारी-भरकम कीमत

ये खबर भी पढ़ें…
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना,
September 26, 2026
राधे मोहन रामायण समिति गौरेला के 42 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना, गौरेला नगर पालिका अध्यक्ष एवं...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

शासन द्वारा आंगनबाड़ी कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उनके कार्य के प्रति सम्मान जताने के लिए समय-समय पर साड़ियां वितरित करने का प्रावधान है। इसके लिए बाकायदा बजट आवंटित किया जाता है। लेकिन, हाल ही में कई जिलों से यह शिकायतें मिली हैं कि हितग्राहियों को दी गई साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब और सस्ती है। इसके विपरीत, सरकारी रिकॉर्ड और बिलों में इन साड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाला और महंगी कीमत का दर्शाया गया है। यह सीधे तौर पर अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं (सप्लायर्स) की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

​कागजों पर पूरा हुआ वितरण, असलियत में खाली हाथ

ये खबर भी पढ़ें…
September 28, 2026
*सीधी और सच्ची बात साहस के साथ रखें युवा, नई सोच को दें नई पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मामला सिर्फ घटिया गुणवत्ता तक सीमित नहीं है। कई स्थानों से यह गंभीर आरोप भी लगे हैं कि साड़ी वितरण केवल कागजों पर ही पूरा कर लिया गया है। नाम न छापने की शर्त पर कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें या तो साड़ियां मिली ही नहीं हैं, या फिर जो सामग्री दी गई है वह पहनने लायक ही नहीं है।

​टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की धज्जियां

ये खबर भी पढ़ें…
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
September 28, 2026
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल मरवाही। नगर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस पूरे घोटाले की जड़ें टेंडर आवंटन प्रक्रिया से जुड़ी हुई नजर आ रही हैं। आरोप है कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में पारदर्शिता को ताक पर रखकर कई जिलों में एक ही चहेते सप्लायर को बार-बार ठेका दिया गया। इससे बाजार की प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई और मनमाने तरीके से दरें तय करके सरकारी पैसों का बंदरबांट किया गया।

​कार्यकर्ताओं का गिरा मनोबल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

सीमित संसाधनों और कम मानदेय में दिन-रात काम करने वाली इन महिलाओं के लिए बनाई गई योजना में हुए इस भ्रष्टाचार ने उनके मनोबल को तोड़ कर रख दिया है। जानकारों का कहना है कि यदि सही तरीके से निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती और गुणवत्ता की जांच होती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

​शासन से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद

अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग जोर पकड़ रही है। लोगों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लग सके। यदि समय रहते इस मामले पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर से आम जनता और कर्मचारियों का विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा

Back to top button
error: Content is protected !!