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बिलासपुर: कोटा के रतखंडी में रेत का ‘काला खेल’, ₹300 प्रति ट्रैक्टर वसूली का सनसनीखेज खुलासा

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड से अवैध रेत उत्खनन का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। ग्राम रतखंडी में नियमों को ताक पर रखकर न केवल रेत का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, बल्कि यहां बाकायदा अवैध घाट बनाकर संगठित तरीके से वसूली का खेल भी जारी है।​ हर चक्कर पर ‘गुंडा टैक्स’, तीन ग्रामीण संदेह के घेरे में​सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अवैध कारोबार को बेहद शातिराना ढंग से चलाया जा रहा है। घाट से निकलने वाले प्रत्येक ट्रैक्टर से ₹300 की अवैध वसूली की जा रही है। इस मामले में गांव के ही तीन स्थानीय व्यक्तियों के नाम उभरकर सामने आए हैं, जो कथित तौर पर इस पूरी सिंडिकेट का संचालन कर रहे हैं। ​पूर्व सरपंच प्रतिनिधि पर मिलीभगत के आरोप​मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब इस अवैध धंधे में ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि की संलिप्तता के आरोप लगे। चर्चा है कि रसूखदारों के संरक्षण के कारण ही यह अवैध घाट बिना किसी डर के संचालित हो रहा है, जिसने पूरी पंचायत प्रणाली और स्थानीय निगरानी तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।b​प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल ​गांव में चल रहे इस अवैध कारोबार को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है ​आखिर प्रशासन की नाक के नीचे इतना बड़ा खेल कैसे चल रहा है? ​क्या जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं? ​क्या इस अवैध कमाई का हिस्सा ऊपर तक जा रहा है? ​बड़ा सवाल क्या खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस इस संगठित अपराध पर लगाम लगाएगी, या रेत माफिया इसी तरह सरकारी संपदा को चूना लगाते रहेंगे? ​अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम रतखंडी के इन अवैध घाटों पर कब और क्या कार्रवाई करती है

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