LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

CMHO कोरबा कार्यालय में आदेशों की खुली धज्जियां! संलग्नीकरण खत्म करने का आदेश जारी, लेकिन अपने ही दफ्तर में नियमों का “पोस्टमार्टम”

CMHO कोरबा कार्यालय में आदेशों की खुली धज्जियां!

संलग्नीकरण खत्म करने का आदेश जारी, लेकिन अपने ही दफ्तर में नियमों का “पोस्टमार्टम”

ये खबर भी पढ़ें…
विकसित गांव की कार्ययोजना में ग्रामीणों की भागीदारी, जिले के सभी 163 ग्राम पंचायतों में हुई विशेष ग्राम सभा
विकसित गांव की कार्ययोजना में ग्रामीणों की भागीदारी, जिले के सभी 163 ग्राम पंचायतों में हुई विशेष ग्राम सभा
October 2, 2026
विकसित गांव की कार्ययोजना में ग्रामीणों की भागीदारी, जिले के सभी 163 ग्राम पंचायतों में हुई विशेष ग्राम सभा *विकसित...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कोरबा। स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के 13 मार्च 2026 के निर्देश और CMHO कोरबा द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी आदेश में जिलेभर के सभी संलग्नीकरण तत्काल खत्म करने के साफ निर्देश दिए गए थे। आदेश में तीन दिनों के भीतर कार्रवाई कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने तक की बात कही गई थी। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी हालात जस के तस हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले को नियमों का पाठ पढ़ाया गया, तो खुद CMHO कार्यालय में बैठे “विशेष कृपा प्राप्त” कर्मचारी अब तक क्यों जमे हुए हैं?

आदेश जनता के लिए, छूट खास लोगों के लिए?

ये खबर भी पढ़ें…
अवैध खनिज परिवहन पर कार्रवाई : रेत-पत्थर से भरे 6 वाहन जब्त
अवैध खनिज परिवहन पर कार्रवाई : रेत-पत्थर से भरे 6 वाहन जब्त
October 2, 2026
अवैध खनिज परिवहन पर कार्रवाई : रेत-पत्थर से भरे 6 वाहन जब्त गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 2 अक्टूबर 2026/जिले में खनिजों के अवैध...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

आरोप है कि संलग्नीकरण खत्म करने की कार्रवाई पूरी तरह चयनात्मक रही। जिन कर्मचारियों के पास पहुंच और प्रभाव नहीं था, उन्हें तुरंत मूल पदस्थापना स्थल भेज दिया गया, जबकि कई “चहेते” अब भी मलाईदार कुर्सियों पर जमे हुए बताए जा रहे हैं।

विभाग के अंदर चर्चा है कि नियम सिर्फ कमजोर कर्मचारियों पर लागू हुए, जबकि रसूखदार कर्मचारियों को संरक्षण मिलता रहा। यही वजह है कि अब विभागीय निष्पक्षता पूरी तरह कटघरे में दिखाई दे रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
गांधी जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में गूंजे बापू के प्रिय भजन  कलेक्टर विजय दयाराम के. ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन
गांधी जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में गूंजे बापू के प्रिय भजन कलेक्टर विजय दयाराम के. ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन
October 2, 2026
गांधी जयंती पर कलेक्ट्रेट परिसर में गूंजे बापू के प्रिय भजन कलेक्टर विजय दयाराम के. ने महात्मा गांधी एवं लाल...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

खुद CMHO कार्यालय बना नियम तोड़ने का अड्डा? सबसे गंभीर बात यह है कि संलग्नीकरण खत्म करने का आदेश जारी करने वाला CMHO कार्यालय खुद सवालों के घेरे में है। आरोप है कि दर्जनभर से अधिक चिकित्सकीय और गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी अब भी संलग्न रूप से कार्यालय में कार्यरत हैं।

जानकारी के अनुसार बजरंग लाल पटेल, मुकेश प्रजापति, धर्मेन्द्र गौरहा, रेशम कुरें, डॉ. नरेन्द्र जायसवाल, प्रतिमा तंवर और मो. इरफान खान सहित कई कर्मचारी अब भी कार्यालय में जमे हुए बताए जा रहे हैं।

वहीं डॉ. कुमार पुष्पेश को पीएचसी और अजित रात्रे को जीएमसी कोरबा में पदस्थ किए जाने के बावजूद उनकी मौजूदगी कार्यालय में बताई जा रही है। रीता गुप्ता की पदस्थापना सीएचसी दीपका में होने के बाद भी वे कार्यालय में ही कार्यरत बताई जा रही हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है —क्या CMHO कार्यालय में शासन के आदेशों से ऊपर “सिस्टम” चलता है? कागजों में कार्रवाई, जमीन पर शून्य! स्वास्थ्य विभाग के अंदर अब यह चर्चा तेज हो गई है कि संलग्नीकरण खत्म करने का पूरा अभियान सिर्फ दिखावे और फाइलों की औपचारिकता बनकर रह गया। आदेश जारी हुए, नोटशीट चली, लेकिन जिन पर कार्रवाई होनी थी वे आज भी उसी कुर्सी पर बैठे हैं। अगर आदेश सभी के लिए था, तो कुछ कर्मचारियों को अब तक संरक्षण क्यों? अगर नियम लागू हुए, तो CMHO कार्यालय अपवाद क्यों? अगर कार्रवाई हुई, तो जिम्मेदारों पर जवाबदेही तय क्यों नहीं? कर्मचारियों में आक्रोश, विभाग की साख पर सवाल

इस कथित भेदभावपूर्ण रवैये से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। विभाग के अंदर यह सवाल खुलकर उठने लगे हैं कि आखिर शासन के आदेशों का पालन होगा या “पहुंच और संरक्षण” ही सबसे बड़ा नियम बन चुका है? अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कार्रवाई करता है या फिर यह पूरा मामला भी अन्य आदेशों की तरह सिर्फ फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।

Back to top button
error: Content is protected !!