LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

218 करोड़ का शिक्षा घोटाला! कवर्धा में अरबों की निकासी, हिसाब गायब… तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल सस्पेंड

218 करोड़ का शिक्षा घोटाला! कवर्धा में अरबों की निकासी, हिसाब गायब… तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल सस्पेंड

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में शिक्षा विभाग के भीतर हुए कथित 218 करोड़ रुपए के महाघोटाले ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला दिया है। बच्चों की शिक्षा और सरकारी योजनाओं के नाम पर ट्रेजरी से करोड़ों रुपए निकाले गए, लेकिन विभाग के पास यह तक रिकॉर्ड नहीं है कि पैसा आखिर गया कहां। मामले के सामने आते ही लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ये खबर भी पढ़ें…
सरपंचों को मंच से उतारने का विवाद पड़ा भारी? नगरी SDM और जनपद CEO हटाए गए!
सरपंचों को मंच से उतारने का विवाद पड़ा भारी? नगरी SDM और जनपद CEO हटाए गए!
October 9, 2026
सरपंचों को मंच से उतारने का विवाद पड़ा भारी? नगरी SDM और जनपद CEO हटाए गए! सांसद भोजराज नाग के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

चार साल तक चलता रहा खेल, किसी को भनक तक नहीं!

ये खबर भी पढ़ें…
पोड़ी उपरोड़ा BEO पर फिर उठे सवाल: शासन के आदेश के बाद भी प्रधान पाठक का 55–60 किमी दूर संलग्नीकरण!
पोड़ी उपरोड़ा BEO पर फिर उठे सवाल: शासन के आदेश के बाद भी प्रधान पाठक का 55–60 किमी दूर संलग्नीकरण!
October 9, 2026
पोड़ी उपरोड़ा BEO पर फिर उठे सवाल: शासन के आदेश के बाद भी प्रधान पाठक का 55–60 किमी दूर संलग्नीकरण!...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के मुताबिक, कवर्धा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पिछले चार वर्षों में 218 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रुपए ट्रेजरी से आहरित किए गए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद विभाग के पास न कोई पूरा हिसाब है, न भुगतान रजिस्टर, न उपयोगिता प्रमाण पत्र और न ही स्पष्ट दस्तावेज।ऑडिट टीम जब जांच के लिए पहुंची तो पूरा लेखा-जोखा ही गायब मिला। आखिर अरबों रुपए किस मद में खर्च हुए? किसे भुगतान किया गया? किस अधिकारी ने अनुमति दी? इन सवालों का जवाब तक विभाग के पास नहीं मिला।

ई-कोष ने खोली पोल, मच गया हड़कंप

ये खबर भी पढ़ें…
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा, 9 वाहन जब्त
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा, 9 वाहन जब्त
October 9, 2026
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा, 9 वाहन जब्त मरवाही से लेकर कोटमी और नगरसैनिक लाइन...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बताया जा रहा है कि जब ऑडिट टीम ने ट्रेजरी सॉफ्टवेयर ई-कोष से भुगतान और निकासी का डेटा निकाला, तब इस पूरे खेल का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड में अरबों रुपए की निकासी दर्ज मिली, लेकिन फाइलों में खर्च का कोई प्रमाण नहीं था। इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

डीपीआई का बड़ा एक्शन, तत्काल निलंबन

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि तत्कालीन प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय जायसवाल ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरती है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन है। इसी के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बोड़ला बीईओ कार्यालय निर्धारित किया गया है।

सबसे बड़ा सवाल — 218 करोड़ आखिर गए कहां…?

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि शिक्षा विभाग से निकली इतनी बड़ी राशि आखिर किसकी जेब में गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर संगठित भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क? चार वर्षों तक करोड़ों रुपए निकलते रहे और विभागीय निगरानी तंत्र सोता रहा। ऐसे में सिर्फ एक अधिकारी पर कार्रवाई से सवाल खत्म नहीं होंगे। जांच की आंच अब कई और अधिकारियों तक पहुंच सकती है।

शिक्षा के नाम पर ‘खजाना खाली’, जिम्मेदार कौन…?

जिस विभाग पर बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी है, वहीं अरबों रुपए के हिसाब गायब होना सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि यह मामला सिर्फ निलंबन तक सीमित रहता है या फिर करोड़ों के इस कथित घोटाले में एफआईआर और बड़ी गिरफ्तारियां भी होती हैं।

Back to top button
error: Content is protected !!