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वन परिक्षेत्र पसान जल्के पिपरिया बिट 52 करोड़ रूपए की लगत से पौधरोपण में शासकीय राशि और 135 हेक्टेयर भूमि हुआ गबन क्या दोषी चोरो पर होगी कार्यवाही…?

रायपुर : कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में पौध रोपण घोटाला सामने आया है। जल्के बीट के पिपरिया पंचायत में दो पार्ट में 265 हेकटेयर में पौध रोपण करने 52 करोड रुपए से अधिक की राशि कैंपा मद से मंजूरी मिली थी, लेकिन वहां तो 135 हेक्टेयर जमीन ही गायब है। यही नहीं बिना बिजली के ही 21 बोर की खुदाई तो करा कर पंप भी खरीद लिया। जो पौधे लगाए गए थे, उस में से 15 प्रतिशत से कम जीवित हैं, लेकिन हर साल उसकी देख रेख के नाम पर राशि निकाली जा रही है। वन विभाग पसान रेंज में कैपा से सिंचित पौधरोपण के लिए वर्ष 2019-20 में मंजूरी मिली थी। इस योजना के तहत 10 साल तक पौधों की सुरक्षा और देख रेख में राशि खर्च की जानी है।पौध रोपण का काम वर्ष 2021 में शुरू हुआ।पहले साल पार्ट वन के लिए 15 करोड़ और पार्ट 2 के लिए 12 करोड़ की मंजूरी दी गई थी। इस के लिए पिपरिया पंचायत के लचरीडाड़ खालपारा में पार्ट 1 के लिए 150 हेक्टेयर जमीन बताई गई। वहां 90 हेक्टेयर में पौधे लगाए गए, लेकिन 60 हेक्टेयर तो यहां जमीन ही नहीं है। इसके आस पास जो जमीन है, कह किसानों के खेत की जमीन है। इसी तरह पार्ट 2 में भाठापारा में 115 हेक्टेयर जमीन बताई गई थी। वहां भी 75 हेक्टेयर तो जमीन ही नहीं है। यही नहीं अब वहां मात्र 15प्रतिशत ही पौधे जीवित है। मिश्रित प्रजाति के पौधा रोपण के नाम पर वन विभाग के अफसरों ने ना तो जमीन के संबंध में जांच की और ना ही सुरक्षा पर ध्यान दिया। यही नहीं पार्ट वन में सिंचाई के लिए 12 बोर कराए । साथ ही पंप भी खरीद लिया। पार्ट- 2 में 9 बोर कराए गए, लेकिन एक भी स्थान पर पंप ही नहीं लगा है।अब तक कितने पौधे लगाए यह भी सूचना बोर्ड से गायब :- यहां कितने पौधे लगाए गए है, इसकी सूचना बोर्ड से ही मिटा दी गई है। कई में तो पौधों की संख्या भी दर्ज नहीं की गई है। पिछले साल करीब 28 हजार पौधे लगाए गए थे। इसमें से अधिकांश मर चुके हैं। मिश्रित प्रजाति के पौधे में आंवाला, नीम व सागौन शामिल है।                                                        बीते वित्तीय वर्ष में 6.30करोड रुपए खर्च :- बताया योजना के तहत पौध रोपण अलग अलग हिस्से में हर साल किया जाना है। अगर पौधे मर गए तो उसके स्थान पर भी पौधा लगाना है, लेकिन यहां तो सुरक्षा भी नहीं है।पिछले वित्तीय वर्ष मैं देख रेख और सुरक्षा के साथ पौधा लगाने के नाम पर 6.30 करोड रुपए की राशि खर्च की गई है।

अफसरों ने हमें कुछ भी नहीं बतायाः अध्यक्ष पेंन्द्रो :-वन प्रबंधन समिति सीपतपारा पिपरिया के अध्यक्ष राम प्रसाद पेंद्रो ने बताया कि कितनी राशि आई है, कितना पौधा लगाना है, यह अफसरों ने बताया ही नहीं। अफसर भी बदल गए। बीट गार्ड नया आए हैं। उसने ही जांच कर बताया है कि जितनी जमीन बता रहे हैं, इतनी जमीन यहां है ही नहीं।

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सीधी बात, कुमार निशांत,डीएफओ, वन मंडल कटघोरा

शिकायत मिली तो कमेटी गठित कर जांच कराएंगे:-  सिंचित पौधा रोपण के नाम पर बड़ी गड़बड़ी हुई है। जमीन भी गायब है ?-अभी शिकायत तो नहीं मिली है। अगर गड़बड़ी हुई है तो कमेटी बनाकर जांचकरा लॅंगे। पौधा

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रोपण और सुरक्षा के नाम पर हरसाल राशि निकाली जा रही है, वह कहां जा रही है?अभी तक मेरे संज्ञान में नहीं आया है।जांच के बाद ही पता चलेगा। यहां तो पौधे भी नहीं हैं। पंप भी चौकीदार के घर रखा हुआ है?- जांच कराते हैं। जो भी तथ्य सामनेआएगा उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

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